राहुल गांधी मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट से बरी:शाह के खिलाफ अपमानजनक बयान देने का आरोप था; उन पर ऐसे 5 और केस
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की सांसद-विधायक अदालत ने सोमवार को बरी कर दिया। इस मामले में भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। कोर्ट परिसर के बाहर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर नृत्य किया, आतिशबाजी की और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए। इसी बीच सोमवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल गांधी के काफिले की पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इनमें एक एंबुलेंस भी शामिल थी। हादसे में राहुल गांधी सुरक्षित रहे। घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।
अमित शाह से जुड़े बयान पर दर्ज हुआ था मानहानि का मुकदमा:
राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला अगस्त 2018 में भाजपा नेता विजय मिश्रा की शिकायत पर दर्ज कराया गया था। आरोप था कि राहुल गांधी ने 8 मई 2018 को बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था, ‘जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके अध्यक्ष पर हत्या का आरोप है।’ इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा चल रहा था। सोमवार को सुल्तानपुर की सांसद-विधायक अदालत ने इस मामले में राहुल गांधी को बरी कर दिया।
फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाई खुशी:
अदालत के फैसले के बाद कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य किया और आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की। इस दौरान राहुल गांधी के समर्थन में नारे भी लगाए गए। मानहानि मामले में अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर अपनी खुशी सार्वजनिक रूप से व्यक्त की।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर काफिले की पांच गाड़ियां टकराईं:
सोमवार सुबह राहुल गांधी के काफिले के साथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटना हुई। जानकारी के मुताबिक, काफिले की पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इनमें एक एंबुलेंस भी शामिल थी। हादसे के बावजूद राहुल गांधी सुरक्षित रहे। घटना के कारणों और सुरक्षा या यातायात व्यवस्था में किसी तरह की चूक की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
तीन सदस्यीय एसआईटी करेगी हादसे की जांच:
राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया है। लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय टीम में सुल्तानपुर के एएसपी बृज नारायण सिंह और डीएसपी यातायात राम कृष्ण चतुर्वेदी को सदस्य बनाया गया है।
एसआईटी दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ यह भी जांच करेगी कि सुरक्षा या यातायात व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई थी या नहीं। जांच दल को घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी है।
भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए भी होंगे सुझाव:
एसआईटी हादसे की परिस्थितियों की जांच करने के बाद भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी देगी। टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी। जांच का उद्देश्य दुर्घटना के कारणों का पता लगाना और सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था से जुड़ी संभावित कमियों की पहचान करना है।
मोदी सरनेम मामले में भी सुनाई गई थी सजा:
राहुल गांधी इससे पहले मोदी सरनेम को लेकर दिए गए बयान के कारण भी मानहानि के मामले में सजा का सामना कर चुके हैं। वर्ष 2019 में कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने ‘सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों है’ टिप्पणी की थी। इस बयान को लेकर दर्ज मानहानि मामले में गुजरात की अदालत ने वर्ष 2023 में उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी।
उस समय राहुल गांधी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद थे। सजा सुनाए जाने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी, जिसके बाद उनकी संसद सदस्यता बहाल हो सकी।
#Tag: #RahulGandhi #SultanpurCourt #SITInvestigation #Congress
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।