वाकई? Akhilesh Yadav का बड़ा ऐलान! वो वाले पत्रकारों को करेंगे Cash से लेस और YouTubers या समाज को जोड़ने वाले पत्रकारों को देंगे ₹4 लाख का iPhone? 😂📱
लखनऊ (Lucknow): समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों और यूट्यूबर्स को लेकर मजाकिया अंदाज में कई टिप्पणियां कीं। पत्रकारों की पेंशन से लेकर डिजिटल सामग्री बनाने वालों को लैपटॉप और चार लाख रुपये के आईफोन देने तक की उनकी बातें चर्चा का विषय बन गईं। इस दौरान अखिलेश यादव ने वर्तमान सरकार पर सवालों से बचने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया। उनके बयान में राजनीतिक तंज के साथ हास्य का भी पुट देखने को मिला।
सरकार पर निशाना, सवालों को लेकर उठाए मुद्दे:
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सरकार सवाल सुनना नहीं चाहती। उनके मुताबिक, सरकार से सवाल पूछने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर विचार रखने की स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच मेटा (Meta) का जिक्र करते हुए कहा कि इस बात की जानकारी हासिल करनी होगी कि सरकार और मेटा के बीच ऐसा क्या हो रहा है, जिससे लोगों को अपनी आवाज उठाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने तर्क दिया कि जो सरकार या राजनीतिक दल सवालों से डरता है, वह लोकतंत्र को कमजोर करता है। हालांकि, मेटा के साथ मिलीभगत को लेकर उन्होंने जो आरोप लगाए, वे उनके बयान का हिस्सा हैं।
पत्रकारों की पेंशन पर चुटकी, कैशलेस का बदला अंदाज:
प्रेस वार्ता के दौरान एक पत्रकार ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि यदि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो पत्रकारों के लिए पेंशन की व्यवस्था की जाएगी या नहीं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने पेंशन के साथ पत्रकारों को दूसरी सुविधाएं देने की बात भी कही।
इसी दौरान उन्होंने शब्दों के साथ खेलते हुए कहा कि पत्रकारों को ‘कैशलेस’ सुविधा मिलेगी और फिर मजाकिया अंदाज में पूछा कि उन्हें ‘कैश से लेस’ कर दिया जाए तो कोई दिक्कत तो नहीं होगी। उनकी इस टिप्पणी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद पत्रकार हंस पड़े।
उनके इस जवाब को लेकर शब्दों के अर्थ पर भी चर्चा हुई। हालांकि, यह टिप्पणी हास्य और व्यंग्य के संदर्भ में की गई थी। पत्रकारों के लिए पेंशन और अन्य सुविधाओं की बात करते हुए उन्होंने भविष्य की संभावनाओं का उल्लेख किया, लेकिन इस बयान को किसी औपचारिक सरकारी योजना की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
यूट्यूबर्स को लैपटॉप, चार लाख के आईफोन की चर्चा:
अखिलेश यादव से जब यूट्यूबर्स और स्वतंत्र डिजिटल पत्रकारों की सुविधाओं को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस विषय पर भी चुटीले अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यूट्यूबर्स को तेज गति वाला इंटरनेट उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ‘डेटा और आटा दोनों मुफ्त’ देने की बात कहकर माहौल को हल्का बना दिया।
उन्होंने ऐसे यूट्यूबर्स का जिक्र किया, जिनके वीडियो को लाखों और करोड़ों बार देखा जाता है। उनके मुताबिक, समाज को जोड़ने, सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने और हिंदुस्तानियत को बचाए रखने की दिशा में काम करने वाले डिजिटल रचनाकारों को उनकी तकनीकी जरूरतों के अनुसार लैपटॉप देने की बात कही जा सकती है।
आईफोन की कीमत ने खींचा ध्यान:
डिजिटल पत्रकारों और यूट्यूबर्स को लेकर अपनी बात आगे बढ़ाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि किसी को लैपटॉप नहीं चाहिए, तो उसे चार लाख रुपये वाला आईफोन दिया जा सकता है। उन्होंने इस टिप्पणी को भी हंसी-मजाक के अंदाज में रखा और सकारात्मक तथा प्रगतिशील सोच के साथ समाज को जोड़ने का काम करने वाले पत्रकारों और यूट्यूबर्स का उल्लेख किया।
उनकी इस बात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, लैपटॉप, इंटरनेट, राशन या आईफोन उपलब्ध कराने से संबंधित टिप्पणियों को फिलहाल उनके वक्तव्य के रूप में ही देखा जाना चाहिए। इन्हें लागू सरकारी योजना या निश्चित आर्थिक सहायता मानने के लिए किसी औपचारिक घोषणा और संबंधित विवरण की आवश्यकता होगी।
पत्रकारिता के माहौल पर भी किया व्यंग्य:
अखिलेश यादव ने पत्रकारिता के मौजूदा माहौल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के समय में किसी का सम्मान करना भी कई बार मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक, किसी का सम्मान करने पर भी उल्टा विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
इस संदर्भ में उन्होंने रामपुर की एक पुरानी घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान एक महिला पत्रकार रस्सी के बीच फंसी हुई थीं और अपमानजनक स्थिति का सामना कर रही थीं। अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने उनकी मदद करने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि वह एक विशेष विचारधारा से जुड़े समाचार चैनल से थीं।
इस घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने पत्रकारिता, राजनीतिक विचारधारा और सम्मान से जुड़े सवालों पर व्यंग्य किया। उनका बयान प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
राजनीतिक बयान और डिजिटल पत्रकारिता पर चर्चा:
अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों की पेंशन, सोशल मीडिया की स्वतंत्रता और डिजिटल रचनाकारों को सुविधाएं देने जैसे विषय सामने आए। उनके वक्तव्य में सरकार की आलोचना के साथ-साथ हास्य और राजनीतिक कटाक्ष भी देखने को मिला।
पत्रकारों और यूट्यूबर्स को लेकर की गई टिप्पणियों ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, इन बातों को औपचारिक नीतिगत घोषणा मानने से पहले संबंधित प्रस्तावों और उनके क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
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