योगी बोले-देश में 2 मियां, एक छोटे दूसरे बड़े:अखिलेश जी, सपने देखना बंद कीजिए, विरासत में बुद्धि नहीं मिल सकती
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कानपुर के बिठूर में आयोजित जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी दलों पर घुसपैठियों को संरक्षण देने, गरीबों और वंचितों की अनदेखी करने तथा तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता सपा की राजनीति को पहले ही नकार चुकी है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया और बिठूर तथा बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
‘देश में दो मियां, एक छोटे और एक बड़े मियां’:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि देश में दो मियां हैं, एक छोटे और दूसरे बड़े मियां। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं को घुसपैठियों से बहुत प्यार है और वे बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं, जबकि दलितों, वंचितों, गरीबों और युवाओं के हितों की अनदेखी करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता को ऐसे राजनीतिक दलों की नीतियों और उनके बयानों को समझना चाहिए।
अखिलेश यादव पर साधा निशाना:
योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें एक बार विरासत के आधार पर सत्ता मिल गई थी, लेकिन जनता उनके कार्यकाल को देखकर उन्हें विदा कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ही तरीके से बार-बार सत्ता हासिल करने का सपना देखने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए।
उन्होंने परिवारवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विरासत में गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि हासिल करने के लिए प्रयास करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने के पक्ष में नहीं है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध पर सवाल:
मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भी सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से कथित तौर पर प्रताड़ित होकर आए पात्र हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख समुदायों के लोगों को नागरिकता देने की व्यवस्था का विरोध क्यों किया गया। योगी ने कहा कि इस कानून का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को गरीबों और वंचितों के अधिकारों के संबंध में भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
पिछली सरकारों पर दंगाइयों को संरक्षण देने का आरोप:
योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान दंगाइयों और भू-माफिया को संरक्षण मिलता था। उन्होंने कोसी कलां, मुजफ्फरनगर और मथुरा के जवाहर बाग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में आम लोगों के साथ पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी चुनौती बनी हुई थी।
मुख्यमंत्री ने जवाहर बाग में अवैध कब्जा हटाने पहुंचे पुलिस अधिकारियों मुकुल द्विवेदी और संतोष यादव की हत्या का जिक्र किया। उन्होंने कानपुर में वर्ष 1931 के दंगे में पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की हत्या और बिल्हौर के विधायक राहुल बच्चा सोनकर के पिता की हत्या का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि प्रदेश ने दंगों और राजनीतिक हिंसा का दौर देखा है। उनके मुताबिक, कानून का शासन और शांतिपूर्ण माहौल विकास के लिए जरूरी है।
बिठूर की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख:
मुख्यमंत्री ने बिठूर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि महर्षि वाल्मीकि की साधना और रामायण की रचना से जुड़ी है। मान्यता है कि इसी धरती पर माता सीता को आश्रय मिला था और लव-कुश के बाल्यकाल की स्मृतियां भी इससे जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि बिठूर का संबंध स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से भी है। नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियां इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित कर उन्हें नई पहचान देने का प्रयास कर रही है।
चार हजार स्थलों के संरक्षण और सुंदरीकरण की योजना:
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े करीब चार हजार स्थलों के विकास की योजना है। इन स्थलों पर चहारदीवारी, छत, छतरी और सुंदरीकरण से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की स्मृतियों को सुरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक उनके योगदान को पहुंचाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने संत रविदास नगर के नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद जिले का नाम बदल दिया गया था। उन्होंने कहा कि अब भदोही को फिर से संत रविदास नगर के नाम से जाना जाने लगा है। उन्होंने काशी, अयोध्या और मां विंध्यवासिनी धाम के विकास का भी जिक्र किया। साथ ही बताया कि अयोध्या में हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है।
वीरांगनाओं और महापुरुषों के नाम पर स्मारकों का जिक्र:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और वीरांगनाओं की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी, बदायूं में वीरांगना अवंती बाई लोधी और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर महिला प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी बटालियन गठित की गई हैं।
उन्होंने लखनऊ में महाराजा बिजली पासी के स्मारक और किले के विकास का भी उल्लेख किया। योगी ने कहा कि झांसी के किले में प्रकाश एवं ध्वनि कार्यक्रम के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई और प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाई जा रही है।
411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं की सौगात:
मुख्यमंत्री ने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411 करोड़ रुपये की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें सड़क चौड़ीकरण, संपर्क मार्गों के निर्माण और रक्षा औद्योगिक गलियारे से जुड़े कार्य शामिल हैं।
प्रमुख परियोजनाओं में मंधना-गंगा बैराज-शुक्लागंज-मोहनलालगंज मार्ग को दो लेन से चार लेन करने के लिए 159.35 करोड़ रुपये और मंधना-टिकरा-हेतपुर-दूल-भूल-भाऊपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 13.76 करोड़ रुपये की परियोजना शामिल है। रक्षा गलियारे में बाउंड्री निर्माण के लिए 9.50 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा ग्राम साढ़ में तालाब निर्माण, आंतरिक सड़कों, मुख्य द्वार, सुरक्षा कक्ष, प्रकाश व्यवस्था, सीवरेज और जलापूर्ति से संबंधित कार्य भी परियोजनाओं में शामिल हैं। सतर्कता अधिष्ठान के कार्यालय निर्माण और विभिन्न संपर्क मार्गों के विकास के लिए भी धनराशि निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करना है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाली राजनीति चुननी चाहिए।
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