मऊ में पत्रकार पर जानलेवा हमले का आरोप, वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे सवाल
मऊ (Mau) में सोमवार देर रात मिर्जाहादीपुरा तिराहे पर एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। पत्रकार ने अरविंद यादव नाम के व्यक्ति और दक्षिण टोला थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि विवाद के दौरान पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार किया गया और पुलिसकर्मियों ने निष्पक्ष व्यवहार करने के बजाय दूसरे पक्ष का समर्थन किया। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
मिर्जाहादीपुरा तिराहे पर देर रात हुआ विवाद:
मिली जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच मिर्जाहादीपुरा तिराहे की बताई जा रही है। आरोप है कि पत्रकार स्कूटी से खाना लेकर अपने घर जा रहा था। इसी दौरान तिराहे के पास बोलेरो में सवार करीब आठ से दस लोगों से उसकी कहासुनी हो गई। पत्रकार का आरोप है कि बोलेरो में सवार लोग नशे की हालत में थे और उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
खुद को सिपाही बताने वाले व्यक्ति पर अभद्रता का आरोप:
पत्रकार के अनुसार, इसी दौरान अरविंद यादव नाम का व्यक्ति बोलेरो से बाहर आया और खुद को सिपाही बताते हुए उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसने पत्रकार को धमकाया और उसके पेशे को लेकर भी टिप्पणी की। पत्रकार का दावा है कि उसे यह कहकर डराने की कोशिश की गई कि उसने उसके जैसे कई पत्रकार देखे हैं। हालांकि, संबंधित व्यक्ति की पहचान और पुलिस में उसकी वास्तविक भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
दक्षिण टोला थाने के पुलिसकर्मियों पर पक्षपात का आरोप:
मामले में दक्षिण टोला थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्रकार का आरोप है कि विवाद के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने दोनों पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सुनने के बजाय कथित तौर पर अरविंद यादव का समर्थन किया।
पत्रकार के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने उससे वहां से चले जाने को कहा और कथित तौर पर यह भी कहा कि वे बाद में उसे देख लेंगे। पत्रकार का आरोप है कि जब उसने अपनी पहचान पत्रकार के रूप में बताई और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही, तो उसके साथ और अभद्र व्यवहार किया गया। उसने यह भी दावा किया कि क्षेत्राधिकारी को बुलाने की बात कहने पर उसे चुनौती दी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की बात पर भी विवाद:
पत्रकार ने आरोप लगाया कि उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद का जिक्र करते हुए अपनी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही। उसके अनुसार, इस पर भी कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों का बयान और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हो सकती है घटना की स्थिति:
पत्रकार का दावा है कि घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई थी और पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। इसके बावजूद उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटनास्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात भी कही गई है। ऐसे में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच घटना के क्रम, मौके पर मौजूद लोगों और संबंधित आरोपों की सत्यता स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि अरविंद यादव के कुछ परिचित मौके पर पहुंचे और उन्होंने उसके साथ दुर्व्यवहार करते हुए कथित तौर पर मारपीट के लिए उकसाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
थाने में शिकायत की सुनवाई को लेकर भी सवाल:
पत्रकार का आरोप है कि घटना के बाद पुलिस उसे थाने ले गई, जहां उसकी शिकायत पर निष्पक्ष तरीके से सुनवाई नहीं हुई। उसने दक्षिण टोला थाने के कुछ पुलिसकर्मियों और थाना प्रभारी पर भी पक्षपात करने का आरोप लगाया है। हालांकि, शिकायत पर पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
मऊ पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें:
पत्रकार के साथ कथित मारपीट और पुलिसकर्मियों की भूमिका से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मऊ पुलिस प्रशासन शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाती है।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि, संबंधित व्यक्तियों और पुलिसकर्मियों का पक्ष तथा जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि किसी व्यक्ति या पुलिसकर्मी की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, मामले में निष्पक्ष जांच और सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है।
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