प्रयागराज में 5 करोड़ कैश जमीन में गड़े मिले:500-500 की गडि्डयां 3 ड्रमों में रखे थे, 40 पुलिसवालों ने पूरे घर को घेरा
प्रयागराज (Prayagraj) के नवाबगंज क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में जमीन के नीचे दबाकर रखे गए तीन ड्रमों से पांच करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिलने का मामला सामने आया है। ड्रमों में 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। मामले में चार लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, आयकर विभाग की टीम गुरुवार को बरामद नोटों की गिनती करेगी। घटनास्थल जिला मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर बताया गया है।
पुलिस ने बिजली कटवाकर शुरू की तलाशी:
पुलिस के मुताबिक, बरईपुर रामनगर निवासी राकेश यादव उर्फ महाकाल के घर में चोरी के रुपये जमीन में छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर बुधवार शाम करीब छह बजे डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी गंगानगर पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। तलाशी अभियान शुरू करने से पहले गांव की बिजली कटवाई गई। इसके बाद घर में खोजबीन की गई।
तलाशी के दौरान जमीन में दबाकर रखे गए तीन ड्रम मिले। इनमें 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। पुलिस ने नकदी को कब्जे में लेकर सील कर दिया और घर की घेराबंदी कर दी। करीब साढ़े चार घंटे तक तलाशी अभियान चलाने के बाद पुलिस टीम रात लगभग साढ़े दस बजे वहां से लौटी। पुलिस ने राकेश यादव के भाई बबलू को भी हिरासत में लिया है।
घर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस तैनात:
कार्रवाई के बाद घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। घर के आसपास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई है। पुलिस ने घर के साथ उसके बाग और खाली जमीन की घेराबंदी भी की है, ताकि जांच के दौरान संबंधित स्थानों पर निगरानी रखी जा सके।
मौके पर नवाबगंज और होलागढ़ थानों की पुलिस के साथ दो विशेष टीमें भी मौजूद रहीं। इस दौरान एसीपी सोरांव श्यामजीत प्रमिला सिंह भी घटनास्थल पर मौजूद थीं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बरामद नकदी से जुड़े तथ्यों का पता लगाने में जुटी है।
गांव वालों ने बताई संपत्ति और कारोबार की जानकारी:
गांव के कुछ लोगों के मुताबिक, राकेश यादव कई साल पहले पुणे (Pune) में अपने बहनोई और साले के साथ रहता था। वहां वह एक सर्राफा व्यापारी के घर काम करता था। कोविड के दौरान वह अपने गांव लौट आया था।
ग्रामीणों का दावा है कि गांव लौटने के बाद राकेश ने मिंडारा चौराहे पर करीब 22 बीघा जमीन खरीदी थी, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई। इसके बाद उसने करीब एक करोड़ रुपये की लागत से मकान बनवाया। ग्रामीणों के अनुसार, उसने दो ट्रैक्टर, एक डीजे और एक पिकअप वाहन भी खरीदा। बाद में वह क्षेत्र में सीमेंट और सरिया का कारोबार करने लगा।
हालांकि, संपत्ति और कारोबार से संबंधित ये जानकारियां ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विवाद के बाद पुलिस जांच में सामने आया मामला:
ग्रामीणों के अनुसार, पांच से छह दिन पहले राकेश यादव का पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इसके बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई। सूत्रों के मुताबिक, इसी मामले की जांच के सिलसिले में थाने के एक दरोगा गांव पहुंचे थे। वहां राकेश यादव के साथ उनकी कहासुनी होने की बात भी कही जा रही है।
इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। इसी दौरान घर के अंदर करोड़ों रुपये छिपाकर रखे जाने की जानकारी सामने आई। फिलहाल नकदी मिलने के मामले में पुलिस जांच कर रही है। बरामद रकम के स्रोत और उससे संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
आयकर विभाग करेगा नकदी की गिनती:
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के अनुसार, बुधवार रात अधिक समय हो जाने के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया था। सुरक्षा के मद्देनजर राकेश यादव के घर के आसपास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जमीन के नीचे दबाए गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये की नकदी मिली है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग और संबंधित एजेंसियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। गुरुवार को आयकर विभाग की टीम बरामद नोटों की गिनती करेगी। इसके बाद नकदी की वास्तविक राशि और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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