लखनऊ: माटीकला महोत्सव में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने किया भ्रमण, शिल्पकारों का बढ़ाया उत्साह
लखनऊ। राजधानी के डालीबाग स्थित खादी भवन प्रांगण में आयोजित 11 दिवसीय माटीकला महोत्सव-2026 में खरीदारों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदर्शनी का भ्रमण कर विभिन्न जनपदों से आए माटी शिल्पकारों और कुम्हारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने शिल्पकारों के स्टॉलों पर पहुंचकर उनके हाथों से तैयार किए गए उत्पादों को देखा और पारंपरिक कला की सराहना की। महोत्सव के दूसरे दिन ही उत्पादों की बिक्री तीन लाख रुपये के आंकड़े को पार कर गई।
वित्त मंत्री ने शिल्पकारों के उत्पादों का किया अवलोकन:
महोत्सव के दूसरे दिन वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (Suresh Kumar Khanna) ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से पहुंचे माटी शिल्पकारों और कुम्हारों से मुलाकात की तथा उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने शिल्पकारों की कलात्मक प्रतिभा और उनके हुनर की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
प्रदर्शनी में भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की आकर्षक प्रतिमाएं, पर्यावरण के अनुकूल डिजाइनर दीये, टेराकोटा की कलाकृतियां और रोजमर्रा के उपयोग में आने वाले मिट्टी के बर्तन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। वित्त मंत्री ने इन उत्पादों को देखकर पारंपरिक माटी कला की प्रशंसा की।
पारंपरिक शिल्प को मिल रहा आधुनिक बाजार:
इस अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के नेतृत्व में प्रदेश की पारंपरिक माटी कला को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और सीधे बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पारंपरिक शिल्पकारों को अपने उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि मिट्टी से बने उत्पाद पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी हैं। इनके इस्तेमाल से जहां पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा मिलता है, वहीं स्थानीय कारीगरों और उनके परिवारों की आजीविका को भी मजबूती मिलती है।
स्थानीय माटी उत्पाद खरीदने की अपील:
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राजधानी के नागरिकों से अपील की कि प्रकाश पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक स्थानीय माटी उत्पादों की खरीदारी करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय शिल्पकारों द्वारा तैयार वस्तुओं को प्रोत्साहन देने से उनकी मेहनत को उचित सम्मान मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
दूसरे दिन ही तीन लाख रुपये से अधिक की बिक्री:
खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिशिर ने बताया कि माटीकला महोत्सव को लेकर राजधानी के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन दोपहर तक ही दो लाख 63 हजार रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हो चुकी थी। शाम तक बिक्री का आंकड़ा तीन लाख रुपये को पार कर गया।
11 दिवसीय माटीकला महोत्सव में शिल्पकारों के उत्पादों को मिल रही सराहना और खरीदारों की बढ़ती भागीदारी से पारंपरिक माटी कला को प्रोत्साहन मिल रहा है।
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