विधान परिषद चुनाव: अखिलेश बोले- धूमधाम मचाने वाले धड़ाम से गिरे, भाजपा पांच सीट नहीं 50 जिलों में हारी
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की पांच सीटों पर जीत के बाद पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव में धूमधाम मचाने वाले लोग धड़ाम से गिर गए। भाजपा केवल पांच सीटों पर ही नहीं हारी, बल्कि 50 जिलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी को जनता का समर्थन मिला, जबकि लोगों के बीच यह संदेश गया है कि भाजपा ने छल और बेईमानी के सहारे छह सीटें जीती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां साजिश होती है, वहां भाजपा मौजूद रहती है।
भाजपा की जीत पर उठाए सवाल:
अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने बेईमानी करके छह सीटों पर जीत हासिल की है। उनका कहना था कि यदि चुनाव पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से कराए गए होते तो भाजपा की जीत का परिणाम ऐसा नहीं होता। उन्होंने चुनाव में विजयी हुए सभी विधान परिषद सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि इस जीत से स्पष्ट हो गया है कि व्यापारी और आधी आबादी समाजवादी पार्टी के साथ खड़ी है।
अखिलेश ने वाराणसी में भाजपा की हार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, ”काशी भले ही डूब जाए पर गोरखधंधा बंद न हो।” उनके इस बयान के जरिए उन्होंने वाराणसी में भाजपा के चुनावी प्रदर्शन और प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा।
वाराणसी में डबल इंजन की डबल हार का दावा:
विधान परिषद चुनाव में वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा की हार को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि यहां डबल इंजन की डबल हार हुई है। उन्होंने दावा किया कि इन चुनावों में महिला शिक्षकों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर आने वाले समय में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
अखिलेश यादव ने अमरोहा में 94 प्रतिशत मतदान होने के आंकड़े पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विधान परिषद चुनाव की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए निष्पक्षता को लेकर अपनी बात रखी।
यूसीसी को लेकर अमित शाह पर साधा निशाना:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की बात कही थी। इस पर अखिलेश ने कहा कि भाजपा अब यूसीसी लागू करने लायक ही नहीं बचेगी।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव भाईचारे का चुनाव होगा और जनता सांप्रदायिक राजनीति के पक्ष में नहीं है। अखिलेश ने कहा कि आने वाले चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाया जाएगा और प्रदेश की जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
भाजपा के दस साल के शासन पर उठाए सवाल:
अखिलेश यादव ने भाजपा के प्रदेश में बीते दस वर्षों के शासनकाल को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस अवधि में उत्तर प्रदेश में 27 हजार स्कूल बंद किए गए। उनके मुताबिक, भाजपा सरकार के कार्यकाल में आरक्षण के अधिकारों पर भी चोट पहुंची है।
उन्होंने प्रदेश में 30 से अधिक पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ स्कूलों को बंद किया गया, वहीं दूसरी ओर 27 हजार शराब के ठेके खुलवाए गए। अखिलेश ने इन मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
जनता के समर्थन को बताया जीत की वजह:
सपा अध्यक्ष ने विधान परिषद चुनाव में पार्टी की पांच सीटों पर जीत को जनता के समर्थन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग और महिलाओं का समर्थन समाजवादी पार्टी को मिला है। चुनाव परिणामों के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी पार्टी का भरोसा जताया।
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