आजम खान शाम तक जेल से बाहर आएंगे:बेटा अब्दुल्ला भी छूटेगा, समर्थक बोले- हमारे लिए आज ईद का दिन
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रामपुर जेल से रिहाई का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। दोनों आज शाम तक जेल से बाहर आ सकते हैं। आजम खान के करीबी यूसुफ मलिक ने दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) को बताया कि उनकी रिहाई के आदेश जेल पहुंच गए हैं और जेल प्रशासन की ओर से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस खबर के सामने आने के बाद आजम खान के घर पर समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया है। समर्थकों का कहना है कि उनके लिए यह दिन ईद से कम नहीं है।
रिहाई के रास्ते में दो मामलों को लेकर थी आशंका:
आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई से पहले दो अन्य मामलों को लेकर कानूनी अड़चन की आशंका जताई जा रही थी। इनमें पहला मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से रामपुर में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की ओर से 10 सितंबर 2026 को लखनऊ में दर्ज कराया गया था। आशंका थी कि यदि इन मामलों में पुलिस की ओर से वारंट-बी तामील करा दिया जाता है, तो दोनों की रिहाई प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि पुलिस की ओर से अब तक वारंट-बी तामील नहीं कराया गया है। ऐसे में दोनों की रिहाई की संभावना मजबूत हो गई है। वारंट-बी के जरिए जेल में बंद किसी आरोपी को दूसरे मामले में सुनवाई के लिए संबंधित अदालत के सामने पेश कराया जाता है।
29 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने दी थी राहत:
दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आजम खान और अब्दुल्ला आजम की 10 साल की सजा पर रोक लगा दी थी और दोनों को जमानत दे दी थी। हालांकि, अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
आजम खान के खिलाफ लंबित दो अन्य मामलों को लेकर भी नजरें बनी हुई थीं। इनमें प्रवर्तन निदेशालय की ओर से जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में 14 अक्टूबर को रामपुर के अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच में ट्रस्ट और विश्वविद्यालय को मिले धन के स्रोत तथा उसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सरकारी ठेकेदारों से संबंधित धन के लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
दूसरा मामला उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति की जमीन की बिक्री में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। सतर्कता विभाग की जांच में जमीन की बिक्री के कारण समिति को 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की पुष्टि होने की बात कही गई थी। इस मामले में आजम खान समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें तत्कालीन सचिव एखलाक अहमद, डॉ. एमएए खान, आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मोहम्मद अय्यूब और मुस्तकीम अहमद शामिल हैं।
52 मामलों के रिहाई आदेश भी पहुंचे जेल:
आजम खान के खिलाफ कुल 105 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें से 94 मामले रामपुर में दर्ज हैं, जबकि 11 मामले राजस्व से जुड़े हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट में 52 और सेशन कोर्ट में 19 मामले लंबित बताए गए हैं। इसके अलावा 19 मामलों में फैसला आ चुका है।
सेशन कोर्ट से आजम खान से जुड़े 19 मामलों में से पांच के रिहाई आदेश रामपुर जेल पहुंच चुके थे। शेष 14 मामलों में सजा पूरी हो चुकी थी। वहीं, मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे 52 मामलों के रिहाई आदेश जेल पहुंचने बाकी थे। शनिवार दोपहर ये आदेश भी जेल पहुंच गए।
समर्थकों ने बताया ईद जैसा दिन:
आजम खान के करीबी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मंसूर चौधरी सुबह करीब नौ बजे उनके घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज उनके लिए ईद का दिन है और आजम खान बहुत जल्द जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि आजम खान से मोहब्बत करने वाले लोग धीरे-धीरे उनके घर पहुंचेंगे।
आजम खान के करीबी जाकिर अली ने भी उनके प्रति अपना समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि वह आजम खान, उनके परिवार और अब्दुल्ला आजम से लगाव रखते हैं और इसी वजह से सुबह ही उनसे मिलने पहुंच गए।
दो पैन कार्ड मामले में हुई थी सजा:
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने दोषी ठहराया था। 17 नवंबर 2025 को दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 5 मई 2026 को सरकार के वकील ने सजा बढ़ाने के लिए रामपुर की अपर अदालत में अपील दाखिल की थी। 23 मई 2026 को अदालत ने आजम खान की सजा तीन साल बढ़ाकर 10 साल कर दी थी, जबकि अब्दुल्ला आजम की सजा में बढ़ोतरी नहीं की गई थी।
इस मामले की शुरुआत वर्ष 2019 में रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज प्राथमिकी से हुई थी। भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो पैन कार्ड थे। इनमें एक पर जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 और दूसरे पर 30 सितंबर 1990 दर्ज थी। आरोप के मुताबिक, इन दस्तावेजों का इस्तेमाल चुनाव और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में किया गया था।
क्या आजम खान 2027 का चुनाव लड़ पाएंगे?:
आजम खान के चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके खिलाफ 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से आठ मामलों में दोषसिद्धि और आठ मामलों में बरी होने की बात कही गई है। दो पैन कार्ड और फर्जी जन्म प्रमाणपत्र समेत अलग-अलग मामलों में उन्हें दो से 10 साल तक की सजा सुनाई जा चुकी है।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार, दो साल या उससे अधिक की सजा पाने वाला व्यक्ति सजा की अवधि के दौरान और सजा पूरी होने के छह साल बाद तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य रहता है। ऐसे में 2027 का चुनाव लड़ने के लिए आजम खान को अपने खिलाफ आए फैसलों में दोषसिद्धि और सजा पर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट से राहत प्राप्त करनी होगी।
वकील रोहित पांडेय के मुताबिक, यदि चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की तारीख से पहले अदालत आजम खान के खिलाफ आए सभी आठ फैसलों में दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगा देती है, तो उनके चुनाव लड़ने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल उनकी रिहाई की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।
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