गाजीपुर: नवीन गृहकर वसूली पर एक माह की रोक, डीएम के आश्वासन पर 24वें दिन समाप्त हुआ धरना
गाजीपुर। नगर पालिका परिषद जमानियां (Nagar Palika Parishad Zamania) में विभिन्न जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना 24वें दिन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला (Anupam Shukla) के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। शनिवार को काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन कर रहे सभासदों के साथ जिलाधिकारी ने राइफल क्लब (Rifle Club) में वार्ता की। इस दौरान उन्होंने चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता को नए गृहकर की वसूली पर फिलहाल एक महीने तक रोक लगाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के निजी कार्यक्रमों और धरना-प्रदर्शन में इस्तेमाल पर भी नाराजगी जताई और इस पर रोक लगाने को कहा।

जिलाधिकारी के आश्वासन पर समाप्त हुआ धरना:
धरने के 24वें दिन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम निधि धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने सभासदों को वार्ता के लिए दोपहर एक बजे राइफल क्लब बुलाया। इसके बाद सभासद जिलाधिकारी से मिले और अपनी मांगों तथा नगर पालिका क्षेत्र की समस्याओं को उनके सामने रखा। वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने नए गृहकर की वसूली फिलहाल एक महीने तक रोकने का निर्देश दिया। इस आश्वासन के बाद सभासदों ने अपना अनिश्चितकालीन धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
नए गृहकर की वसूली को लेकर जताई नाराजगी:
वार्ता के दौरान सभासदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड की सर्वसम्मति और एडीएम के निर्देश के बावजूद नगर पालिका परिषद की ओर से नए गृहकर की वसूली की जा रही है। सभासदों का कहना था कि इस संबंध में आपत्ति जताने के बाद भी वसूली जारी रहने से उनकी मांगों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता को एक महीने तक नए गृहकर की वसूली नहीं करने का निर्देश दिया।
विकास कार्यों और कर्मचारियों के इस्तेमाल का मुद्दा उठा:
सभासदों ने वार्डों में विकास कार्य बाधित होने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप था कि कर्मचारियों का इस्तेमाल निजी कार्यक्रमों और धरना-प्रदर्शन में किया जा रहा है, जिससे नगर पालिका का नियमित कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसका असर आम नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ रहा है। सभासदों ने साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, खड़ंजा और टूटी गलियों की मरम्मत जैसे मुद्दों को भी प्राथमिकता से उठाया।
इन समस्याओं को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार को तीन दिन के भीतर संबंधित समस्याओं का निस्तारण कराने का निर्देश दिया। वहीं, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के निजी कार्यक्रमों और धरने में इस्तेमाल पर नाराजगी जताते हुए इस पर रोक लगाने को कहा।
दस प्रमुख समस्याओं की सूची लेकर दिए निर्देश:
वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने सभासदों से उनके-अपने वार्डों की दस प्रमुख समस्याओं की सूची ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों की एक दिन के भीतर नापी कराकर प्राक्कलन तैयार करने और तत्काल टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए दिए गए आश्वासन के बाद सभासदों ने 24वें दिन अपना धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि, वार्ता के बाद भी सभासदों में सभी समस्याओं के समाधान को लेकर पूरी संतुष्टि नहीं दिखी। केवल दस कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने पर कुछ सभासदों ने असंतोष जताया। धरना समाप्त होने के बावजूद आंदोलन से जुड़ी उनकी नाराजगी बनी रही।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार त्रिवेदी, सभासद प्रमोद यादव, सचिन वर्मा, राकेश प्रजापति, सुरेंद्र चौधरी साहू, विकास जायसवाल जुगनू, मोहन गुप्ता, अंजनी कुमार गुप्ता, मनीष यादव, राहुल वर्मा, शिवबचन यादव, उमराव यादव, आमिर उर्फ गोलू, शमीम अंसारी, अरशद सहित अन्य सभासद मौजूद रहे।
#Tags: #Ghazipur #Zamania #HouseTax #MunicipalCouncil #Protest
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
रिपोर्टर: जफर इकबाल