वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: दिल्ली से लोकल रूट तक बदलेगा काशी का रेल सफर, एक साथ शुरू होंगी तीन नई ट्रेन सेवाएं
काशी में बढ़ती आबादी, यात्रियों की संख्या और शहर के लगातार विस्तार को देखते हुए रेलवे ने रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। अब वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाले यात्रियों को रातभर में सफर पूरा करने के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सुविधा मिलेगी। वहीं, शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाने के लिए वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू होगा। इसके अलावा बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच भी नई ट्रेन सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। शनिवार, 31 अक्टूबर को इन तीनों रेल सेवाओं का शुभारंभ किया जाएगा। इससे लंबी दूरी की यात्रा से लेकर स्थानीय और अंतरजनपदीय आवागमन तक यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन समेत नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। वहीं, प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। रेलवे की इस पहल से वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के जिलों के यात्रियों को उनकी जरूरत के अनुसार यात्रा के नए विकल्प मिलेंगे।
रात में सफर कर सुबह दिल्ली पहुंचेंगे यात्री:
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का संचालन इस पहल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। इस ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों को रात में सफर करके सुबह दिल्ली पहुंचने का विकल्प मिलेगा। इससे नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों, विद्यार्थियों और इलाज के लिए दिल्ली जाने वाले यात्रियों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद है।
ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर रात 8:50 बजे बनारस स्टेशन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27422 रात 9:40 बजे नई दिल्ली से चलेगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इस समय-सारिणी के अनुसार दोनों दिशाओं में यात्री रातभर में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे।
इस ट्रेन का ठहराव प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में निर्धारित किया गया है। ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को रवाना होगी। वहीं, नई दिल्ली से सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और रविवार को इसका संचालन किया जाएगा।
823 बर्थ और तीन वातानुकूलित श्रेणियों की सुविधा:
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के आराम और सुविधाओं का ध्यान रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। 16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 823 बर्थ उपलब्ध होंगी। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के वातानुकूलित कोच शामिल हैं। मेक इन इंडिया पहल के तहत तैयार की गई इस ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।
रात की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए ट्रेन में आधुनिक बर्थ, बेहतर शोर नियंत्रण, कंपन कम करने और तापरोधी व्यवस्था दी गई है। इसके अलावा उन्नत अग्नि सुरक्षा प्रणाली, बुद्धिमान जांच व्यवस्था, आधुनिक ट्रेन प्रबंधन प्रणाली तथा प्रणोदन एवं नियंत्रण प्रणाली भी लगाई गई हैं। ऊर्जा की बचत के लिए पुनर्योजी ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मजबूत इस्पात की बाहरी संरचना और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं इसे लंबी दूरी की यात्रा के लिए उपयोगी बनाएंगी।
राजातालाब तक मेमू से आसान होगा सफर:
दूसरी महत्वपूर्ण सुविधा वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन है। इससे शहर के पश्चिमी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन का नया विकल्प मिलेगा। फिलहाल इस क्षेत्र में आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क परिवहन पर निर्भर रहते हैं। नई रेल सेवा शुरू होने से दैनिक यात्रियों को सुविधाजनक और किफायती विकल्प उपलब्ध होगा।
इन मेमू ट्रेनों में 12 कोच होंगे। इनका ठहराव वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर होगा। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों से राजातालाब तक पहुंचना आसान होगा। नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, कारोबारियों और रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस सेवा का एक अहम पहलू राजातालाब से रिंग रोड के रास्ते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंच की सुविधा भी है। क्रिकेट मैच और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान स्टेडियम जाने वाले लोगों को इसका फायदा मिल सकता है। इसके साथ ही सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने और जाम की समस्या से राहत दिलाने में भी यह सेवा सहायक हो सकती है।
बनारस से प्रयागराज के लिए नई ट्रेन:
तीसरी रेल सुविधा बनारस से प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन के रूप में मिलेगी। वाराणसी और प्रयागराज के बीच धार्मिक, शैक्षिक, व्यावसायिक और न्यायिक गतिविधियों के चलते बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में इस नई ट्रेन से दोनों शहरों के यात्रियों को यात्रा का एक और विकल्प मिलेगा।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यात्री सुबह वाराणसी से रवाना होकर कार्यालय समय में प्रयागराज पहुंच सकेंगे। वहां अपने जरूरी काम पूरे करने के बाद शाम को वापस बनारस लौटने की सुविधा भी मिलेगी। करीब ढाई घंटे में यात्रा पूरी होने से यात्रियों के समय और खर्च की बचत होने की उम्मीद है।
इस ट्रेन से प्रयागराज में मुकदमों की पैरवी के लिए जाने वाले लोगों, छात्रों, किसानों, व्यापारियों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। खासकर ऐसे यात्रियों के लिए यह उपयोगी होगी, जिन्हें किसी जरूरी काम से प्रयागराज जाकर उसी दिन वाराणसी वापस लौटना पड़ता है।
तीनों सेवाओं से मजबूत होगा काशी का रेल नेटवर्क:
रेलवे की इन तीनों नई सेवाओं का उद्देश्य यात्रियों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करना है। वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर लंबी दूरी की यात्रा को तेज और आरामदायक बनाने का विकल्प देगी। वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू सेवा शहर और आसपास के क्षेत्रों में दैनिक आवागमन को आसान बनाएगी। वहीं, बनारस-प्रयागराज रामबाग ट्रेन दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा की सुविधा बढ़ाएगी।
काशी में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों के कारण यात्रियों की आवाजाही लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में इन तीनों रेल सेवाओं की शुरुआत को शहर के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे दिल्ली से संपर्क, स्थानीय परिवहन और अंतरजनपदीय आवागमन की जरूरतों को एक साथ पूरा करने में मदद मिलेगी।
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