यूपी MLC चुनाव, सपा को 2 सीट का फायदा:काशी में भाजपा ने हार मानी; पहली बार शिक्षक दल का सफाया
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की 11 विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सीटों के चुनाव परिणाम घोषित हो गए हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने छह सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) को पांच सीटें मिलीं। भाजपा ने चार शिक्षक और दो स्नातक सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, सपा ने दो शिक्षक और तीन स्नातक सीटों पर कब्जा जमाया। पिछले चुनाव की तुलना में सपा को दो सीटों का फायदा हुआ है। इन परिणामों के बाद विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों पर राजनीतिक दलों की स्थिति में बदलाव देखने को मिला है।
भाजपा को छह और सपा को पांच सीटें मिलीं:
प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों के परिणामों में भाजपा ने कुल छह सीटों पर जीत हासिल की। इनमें चार शिक्षक और दो स्नातक सीटें शामिल हैं। दूसरी ओर, सपा ने पांच सीटों पर विजय प्राप्त की, जिनमें दो शिक्षक और तीन स्नातक सीटें हैं। इस तरह दोनों दलों के बीच सीटों का अंतर केवल एक रहा।
पिछले चुनाव में इन 11 सीटों में से छह भाजपा, तीन सपा, एक शिक्षक दल और एक निर्दलीय प्रत्याशी के पास थी। इस बार भाजपा ने अपनी छह सीटों की स्थिति बरकरार रखी, जबकि सपा ने तीन से बढ़कर पांच सीटें हासिल कर लीं। वहीं, शिक्षक दल इस बार अपना खाता भी नहीं खोल सका। चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मुकाबला महत्वपूर्ण रहा।
काशी में भाजपा को शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर हार:
काशी (Kashi) में भाजपा को शिक्षक और स्नातक, दोनों सीटों पर एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। यहां स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना 50 घंटे से अधिक समय तक चली। मतगणना केंद्र पर बुधवार देर शाम शुरू हुआ हंगामा रातभर जारी रहा। इस दौरान भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह धरने पर बैठ गए।
केदारनाथ सिंह ने काशी के पर्यवेक्षक प्रांजल यादव पर मतगणना में धांधली कराने का आरोप लगाया और उन्हें पद से हटाने की मांग की। इसके बाद 500 से अधिक सपा कार्यकर्ता मतगणना केंद्र पहुंच गए। मतगणना के दौरान दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। हालांकि, धांधली से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आशुतोष सिन्हा ने केदारनाथ सिंह को हराया:
काशी स्नातक सीट के परिणाम में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 50,529 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 33,530 वोट प्राप्त हुए। दोनों प्रत्याशियों के बीच मतों का अंतर 16,999 रहा।
चुनाव परिणाम आने से पहले मतगणना केंद्र पर देर रात तक घटनाक्रम जारी रहा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी रातभर फोन के माध्यम से हर दौर की जानकारी लेते रहे। आखिरकार, गुरुवार सुबह भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली। इस परिणाम के साथ काशी स्नातक सीट पर सपा को जीत मिली।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान:
प्रदेश की पांच स्नातक और छह शिक्षक एमएलसी सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। इन 11 सीटों पर कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मतदान के बाद 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई। मतों की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए गए।
दोनों प्रकार के निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मिलाकर करीब 14.81 लाख मतदाता थे। इनमें से 8.18 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस तरह कुल मतदान लगभग 55 प्रतिशत रहा। चुनाव में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की भागीदारी के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला देखने को मिला।
सपा को दो सीटों का फायदा, शिक्षक दल खाली हाथ:
इस चुनाव का सबसे अहम परिणाम समाजवादी पार्टी की सीटों में हुई बढ़ोतरी रही। पिछले चुनाव में तीन सीटें जीतने वाली सपा ने इस बार पांच सीटों पर जीत दर्ज की। इस तरह पार्टी को दो सीटों का फायदा हुआ। भाजपा ने छह सीटें जीतकर अपनी पिछली संख्या बरकरार रखी।
वहीं, पिछले चुनाव में एक सीट जीतने वाला शिक्षक दल इस बार एक भी सीट हासिल नहीं कर सका। एक निर्दलीय प्रत्याशी के पास रही सीट भी इस बार भाजपा या सपा के खाते में गई। कुल मिलाकर 11 सीटों के परिणामों ने प्रदेश के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं।
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