एटा मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस गेट पर मिलीं दर्जनों जांच किट, व्यवस्था पर उठे सवाल
एटा (Etah) मेडिकल कॉलेज परिसर में पोस्टमार्टम हाउस के गेट के सामने बड़ी संख्या में जांच किट पड़े मिलने का मामला सामने आया है। इन किटों पर वियुफ्लो (Viuflo) कंपनी का नाम अंकित बताया गया है। किटों के खुले में पड़े मिलने से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था और चिकित्सा सामग्री के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन किटों का इस्तेमाल एचआईवी, हेपेटाइटिस, डेंगू समेत अन्य बीमारियों की जांच में किया जाता है। हालांकि, किट वहां किसने और किन परिस्थितियों में रखीं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पोस्टमार्टम हाउस के गेट पर मिलीं दर्जनों किट:
मामला एटा मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस के गेट के सामने का बताया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में जांच किट खुले में पड़ी मिलीं। किटों को इस तरह खुले स्थान पर रखे जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। चिकित्सा जांच में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखा जाना जरूरी है, ऐसे में किटों के खुले में मिलने के मामले में संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है।
किटों पर बैच नंबर और एक्सपायरी डेट अंकित:
मिली जानकारी के अनुसार, जांच किटों पर बैच नंबर NO6232726 दर्ज है। साथ ही इन पर अप्रैल 2028 की समाप्ति तिथि अंकित बताई गई है। इस विवरण से संकेत मिलता है कि किटों की लिखित समाप्ति तिथि अभी भविष्य की है, लेकिन इन्हें पोस्टमार्टम हाउस के गेट के सामने किस उद्देश्य से रखा गया था, यह स्पष्ट नहीं है।
किटों की स्थिति, उनकी संख्या और उन्हें वहां रखे जाने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि किट उपयोग के लिए लाई गई थीं, किसी स्थान पर भेजी जानी थीं या किसी अन्य कारण से वहां रखी गई थीं।
निरीक्षण के बाद सामने आया मामला:
बताया गया है कि जिस स्थान पर जांच किट पड़ी मिलीं, वहां कुछ समय पहले ही मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्रा ने निरीक्षण किया था। ऐसे में परिसर में जांच किट खुले में मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि निरीक्षण के दौरान इस सामग्री की स्थिति पर ध्यान दिया गया था या नहीं।
हालांकि, निरीक्षण और किट मिलने के बीच की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संबंध में किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने से पहले मामले की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।
जांच किट खुले में रखने की जिम्मेदारी किसकी?:
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि मेडिकल कॉलेज परिसर में जांच किट खुले में किसने रखीं और उनके सुरक्षित रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग या कर्मचारी की थी। किटों के खुले में मिलने के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। किटों को वहां रखे जाने के कारण और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
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रिपोर्टर: विपिन कुमार