आगरा एमएलसी मतगणना में आधी रात बवाल, सपा प्रत्याशी को पीटा-भाजपा प्रत्याशी के भी फटे कपड़े…
आगरा। विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के दौरान मंगलवार देर रात माहौल तनावपूर्ण हो गया। फिरोजाबाद रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी के मतगणना स्थल पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों के बीच मारपीट की घटना सामने आई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट करने के आरोप लगाए। घटना के बाद मतगणना स्थल पर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।
पहले दौर की मतगणना के बाद बढ़ा तनाव:
आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना के दौरान सुबह से ही मतगणना स्थल पर गहमागहमी बनी हुई थी। पहले दौर की मतगणना के बाद समाजवादी पार्टी के शिक्षक प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने करीब सात सौ मतों की बढ़त बना ली थी। इसके बाद से ही मतगणना स्थल पर तनाव बढ़ने लगा।
मंगलवार देर रात करीब एक बजे मतगणना स्थल के अंदर दोनों दलों के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
डॉ. आकाश अग्रवाल ने लगाए गड़बड़ी के आरोप:
समाजवादी पार्टी के शिक्षक प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतगणना के दौरान गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया। सपा के मतगणना अभिकर्ताओं का दावा था कि मतगणना में कथित अनियमितताओं का विरोध करने पर भाजपा समर्थकों ने डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ मारपीट की।
डॉ. आकाश अग्रवाल फटे कुर्ते में मतगणना कक्ष से बाहर निकले। उन्होंने दावा किया कि वह करीब चार हजार मतों से आगे चल रहे थे, लेकिन जानबूझकर मतों को बदलने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका विरोध करने पर पुलिस की मौजूदगी में उनके और उनके समर्थकों के साथ मारपीट की गई।
हालांकि, मतों में गड़बड़ी और मारपीट से संबंधित इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
भाजपा प्रत्याशी ने भी लगाए आरोप, धरना शुरू:
दूसरी ओर, भाजपा के शिक्षक प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी अपने मतगणना अभिकर्ताओं के साथ मतगणना स्थल पर ही धरने पर बैठ गए। उनका आरोप था कि समाजवादी पार्टी के अभिकर्ता बनकर आए लोगों ने भाजपा के अभिकर्ताओं के साथ मारपीट की।
हरिकिशोर तिवारी ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास किया। देर रात करीब दो बजे तक भाजपा समर्थक मतगणना स्थल पर धरने पर बैठे हुए थे।
इस तरह मतगणना के दौरान दोनों दलों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए। हालांकि, किसी भी पक्ष के आरोपों को जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
मौके पर पहुंचे पुलिस कमिश्नर, निष्पक्ष जांच का आश्वासन:
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मतगणना स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर स्थिति को संभालने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस कमिश्नर ने सभी लोगों से संयम बरतने की अपील की। साथ ही, उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
देर रात तक अधिकारियों की ओर से दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास जारी रहा। मतगणना स्थल पर हुई इस घटना के बाद चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
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