जेल में बंद आजम खान से ED की पूछताछ, मनी लॉन्ड्रिंग केस में खुलेंगे राज?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार सदस्यीय टीम मंगलवार को रामपुर जेल पहुंची, जहां पूर्व मंत्री आजम खां से जौहर ट्रस्ट मामले में पूछताछ शुरू की गई। टीम इस दौरान आजम खां के बयानों का सत्यापन कर रही है और मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर सवाल पूछ रही है। इस कार्रवाई के साथ जौहर ट्रस्ट से संबंधित जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईडी ने आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ की तैयारी की है। जांच एजेंसी ट्रस्ट से जुड़े मामले में विभिन्न लोगों की भूमिका और संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
आजम खां के बयानों का किया जा रहा सत्यापन:
जौहर ट्रस्ट मामले की जांच के सिलसिले में ईडी की टीम ने रामपुर जेल पहुंचकर आजम खां से सवाल-जवाब शुरू किए। पूछताछ के दौरान उनके बयानों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाने के साथ उपलब्ध तथ्यों का मिलान कर रही है।
इस प्रकरण में आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ की तैयारी की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अब्दुल्ला आजम से पूछताछ की तारीख या इसके पूरा होने के संबंध में कोई विवरण नहीं दिया गया है।
सपा विधायक नसीर अहमद से सात घंटे पूछताछ:
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने रामपुर की चमरौआ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक नसीर अहमद खां से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। नसीर अहमद जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। इसी भूमिका को ध्यान में रखते हुए ईडी ने उन्हें समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने ट्रस्ट में होने वाले फैसलों में नसीर अहमद की भूमिका, दान दिलाने और जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों से जुड़े सवाल किए। इसके साथ ही शत्रु संपत्ति से संबंधित प्रकरण में उनकी भूमिका को लेकर भी जानकारी मांगी गई।
जांच अधिकारियों को आशंका है कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण फैसलों में नसीर अहमद की भूमिका रही हो सकती है। हालांकि, यह जांच का विषय है और किसी भी आरोप या आशंका को अदालत में साबित होने से पहले अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
नसीर अहमद ने भूमिका से किया इनकार:
पूछताछ के दौरान नसीर अहमद ने ट्रस्ट में अपनी भूमिका से इनकार किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कुछ सवालों के जवाब नहीं दिए या उनसे बचते रहे। इसके बाद ईडी ने उन्हें ट्रस्ट के संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों के साथ दोबारा उपस्थित होने की हिदायत दी।
इस तरह जांच एजेंसी ने उनसे संबंधित दस्तावेजों के आधार पर आगे की पूछताछ की संभावना बनाए रखी है। ट्रस्ट में उनकी भूमिका और फैसलों से जुड़े सवालों पर स्थिति दस्तावेजों तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्पष्ट हो सकेगी।
शत्रु संपत्ति मामले में भी दर्ज है मुकदमा:
नसीर अहमद के खिलाफ आजम खां के साथ मिलकर शत्रु संपत्ति हड़पने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इस मामले में अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा था।
पुलिस ने आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, दोनों बेटों अदीब और अब्दुल्ला आजम, बहन निखत अखलाक तथा नसीर अहमद समेत सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। इस प्रकरण में आरोपों से संबंधित अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगी।
आयकर जांच के बाद ईडी की पड़ताल:
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले की जांच के दौरान आयकर विभाग ने नसीर अहमद के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। अब प्रवर्तन निदेशालय की ओर से इस प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच किए जाने के कारण मामला फिर चर्चा में है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईडी अब ट्रस्ट के ट्रस्टी शहरयार खां से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। शहरयार खां ने खुद को डमी ट्रस्टी बताया था। जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों से इस मामले के विभिन्न पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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