दिल्ली में प्रदर्शन पर अमित शाह का बड़ा बयान, कांग्रेस ने किया पलटवार…
दिल्ली में कांग्रेस, सीजेपी (CJP) और जेनरेशन जेड (Gen Z) के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर निशाना साधते हुए वर्ष 2029 के आम चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति और प्रदर्शन में जुटी भीड़ पर सवाल उठाए। अमित शाह के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (Pawan Khera) ने पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चुनावी सफलता, निर्वाचन आयोग की भूमिका और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सवाल खड़े किए। दोनों नेताओं के बयानों से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब से राहुल गांधी कांग्रेस के प्रमुख नेता के रूप में सामने आए हैं, तब से पार्टी लगातार चुनावों में हार का सामना कर रही है। उन्होंने विपक्षी दलों के प्रदर्शन और उसमें शामिल लोगों की संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि 14 पार्टियों के कार्यकर्ताओं को एकत्र करने और डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में लगभग आठ हजार लोगों की भीड़ जुटाने से कोई देश की आवाज नहीं बन सकता।
अमित शाह ने कांग्रेस की राजनीति को नकारात्मक बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से पार्टी को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। उन्होंने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि अब देश की जनता उनके झांसे में आने वाली नहीं है। इसके साथ ही गृह मंत्री ने वर्ष 2029 के आम चुनाव को लेकर दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा, जबकि कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ेगा।
पवन खेड़ा ने भाजपा की चुनावी सफलता पर उठाए सवाल:
अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा की राजनीतिक यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने और बहुमत हासिल करने में 50 से 60 साल लग गए। ऐसे में कांग्रेस के लंबे समय तक कई राज्यों में सत्ता से बाहर रहने को लेकर टिप्पणी करना अजीब है, जबकि भाजपा भी दशकों तक राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता में नहीं थी।
पवन खेड़ा ने सवाल किया कि अमित शाह इस तरह की टिप्पणी करके आखिर क्या साबित करना चाहते हैं। उन्होंने वर्ष 2029 के आम चुनाव में भाजपा की जीत के दावे पर भी सवाल उठाए और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर कीं।
निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर उठाए प्रश्न:
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) का नाम लेते हुए पूछा कि भाजपा को उन पर इतना भरोसा क्यों है और क्या वह वर्ष 2029 तक अपने पद पर बने रहेंगे। पवन खेड़ा ने कहा कि निर्वाचन आयोग जिस तरह से काम कर रहा है, उसे लेकर विपक्ष अपनी बात रख रहा है। उन्होंने भाजपा की चुनावी जीत के दावे को इसी संदर्भ में उठाते हुए कहा कि इस तरह के बयानों से विपक्ष की आपत्तियों को और बल मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं को सड़कों पर उतरकर जनता के गुस्से को देखना चाहिए। पवन खेड़ा ने पुलिस की मौजूदगी के बिना आम लोगों के बीच जाकर उनकी नाराजगी समझने की बात कही। ये टिप्पणियां उन्होंने भाजपा के चुनावी दावों और जनता के रुख को लेकर अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर कीं।
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया:
पवन खेड़ा ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों का उल्लेख किया, जिन्हें मृत घोषित किए जाने के बावजूद उनके अनुसार सड़कों पर घूमते और ज्ञापन सौंपते देखा जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, तो निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाने चाहिए। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और संबंधित व्यक्तियों को मृत घोषित किए जाने के संबंध में पवन खेड़ा के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं होती है।
मोदी, अमित शाह और मोहन भागवत का भी लिया नाम:
पवन खेड़ा ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन लोगों का नाम भी लेगी, जिनके बारे में उसका मानना है कि वे पर्दे के पीछे से राजनीतिक फैसलों को प्रभावित करते हैं।
उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस केवल उन लोगों का नाम नहीं लेगी, जिन्हें वह कठपुतली मानती है, बल्कि उन लोगों का भी उल्लेख करेगी, जिनके नियंत्रण में उनके अनुसार ये लोग काम करते हैं।
2029 के चुनाव को लेकर आमने-सामने भाजपा और कांग्रेस:
अमित शाह और पवन खेड़ा के बयानों में वर्ष 2029 के आम चुनाव को लेकर दोनों दलों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं। अमित शाह ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की प्रचंड बहुमत से जीत और कांग्रेस की हार का दावा किया, जबकि पवन खेड़ा ने भाजपा की चुनावी रणनीति, निर्वाचन आयोग की भूमिका और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए।
फिलहाल, दोनों नेताओं के बयान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं। वर्ष 2029 के आम चुनाव में किस दल को जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला चुनाव परिणामों से ही होगा।
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