राज्यसभा में डॉ. संगीता बलवंत ने विक्रम-1 की ऐतिहासिक सफलता का मुद्दा उठाया, कहा- यह नए भारत की वैज्ञानिक शक्ति है

New Delhi (नई दिल्ली) में Rajya Sabha (राज्यसभा) के शून्यकाल के दौरान सांसद Dr. Sangeeta Balwant (डॉ. संगीता बलवंत) ने Skyroot Aerospace (स्काईरूट एयरोस्पेस) के Vikram-1 (विक्रम-1) रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता देश की वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक है।

अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि:

Dr. Sangeeta Balwant (डॉ. संगीता बलवंत) ने कहा कि Vikram-1 (विक्रम-1) का सफल प्रक्षेपण केवल एक रॉकेट लॉन्च तक सीमित उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत में वैज्ञानिक नवाचार, आधुनिक तकनीकी विकास और बढ़ती अनुसंधान क्षमता का प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने देश के अंतरिक्ष क्षेत्र को नई पहचान और नई दिशा प्रदान की है।

सुधारों का किया उल्लेख:

अपने संबोधन में सांसद ने प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) के नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि IN-SPACe (इन-स्पेस) की स्थापना तथा निजी कंपनियों को दिए गए अवसरों के कारण भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ा है। इससे देश की नई तकनीकी क्षमताओं को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिला है।

निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका:

Dr. Sangeeta Balwant (डॉ. संगीता बलवंत) ने कहा कि निजी कंपनियों की भागीदारी से भारत की अंतरिक्ष शक्ति को नई मजबूती मिल रही है। उनके अनुसार, Skyroot Aerospace (स्काईरूट एयरोस्पेस) जैसी कंपनियां देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और भविष्य की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही हैं।

वैज्ञानिकों और संस्थाओं को दी बधाई:

सांसद ने Vikram-1 (विक्रम-1) के सफल प्रक्षेपण पर प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी), ISRO (इसरो), Skyroot Aerospace (स्काईरूट एयरोस्पेस), IN-SPACe (इन-स्पेस) तथा इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों, अभियंताओं और नवप्रवर्तकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास, अनुसंधान और तकनीकी दक्षता का परिणाम है।

युवाओं और स्टार्टअप को बढ़ावा देने पर जोर:

अपने वक्तव्य में Dr. Sangeeta Balwant (डॉ. संगीता बलवंत) ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि देश के युवा वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को अवसर मिलने से भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं और अधिक मजबूत होंगी।

भविष्य की तकनीक में नेतृत्व की ओर भारत:

सांसद ने कहा कि भारत अब केवल अंतरिक्ष अभियानों में भागीदारी करने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि भविष्य की अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में नेतृत्व करने की क्षमता भी विकसित कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।

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