अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के सम्मान में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर आयोजित किया। फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प की देखरेख में आयोजित इस डिनर में दोनों देशों के संबंधों के साथ कई अन्य अहम मुद्दे भी चर्चा में रहे। डिनर से पहले ट्रम्प और जिनपिंग के बीच करीब दो घंटे तक बैठक हुई, जो निर्धारित समय से लगभग एक घंटे अधिक चली। इस दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, व्यापार, सुरक्षा और अमेरिका-चीन संबंधों सहित कई विषयों पर बातचीत हुई।
स्टेट डिनर में परोसे गए खास व्यंजन:
व्हाइट हाउस में आयोजित स्टेट डिनर की शुरुआत गाढ़े सूप से हुई। इसमें जंगली मशरूम, हरी जड़ी-बूटियां, कुरकुरा पैनसेटा और हरे प्याज वाले तेल का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद तिल की परत वाली सी-बास मछली परोसी गई। इसके साथ बोक चॉय, भुना हुआ बैंगन और हरी चटनी भी परोसी गई।
बोक चॉय चीन में खाई जाने वाली एक सब्जी है, जिसका आकार छोटे पत्तागोभी जैसा दिखाई देता है। भोजन के अंत में वनीला क्रीम, खट्टी चेरी और अखरोट से तैयार मिठाई के साथ आइसक्रीम परोसी गई। आइसक्रीम में व्हाइट हाउस में तैयार किया गया शहद इस्तेमाल किया गया था।
ट्रम्प ने अमेरिका-चीन संबंधों को बताया बेहतर:
स्टेट डिनर के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन की राजनीतिक व्यवस्थाएं अलग हैं, लेकिन दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते पहले की तुलना में बेहतर हैं।
ट्रम्प ने अपने बीजिंग दौरे को भी याद किया और कहा कि चीन में उनका जिस गर्मजोशी से स्वागत हुआ था, उसी तरह अमेरिका भी शी जिनपिंग को सम्मान देना चाहता है। इस अवसर पर ट्रम्प ने जिनपिंग को अमेरिका के राष्ट्रीय पक्षी बाल्ड ईगल का करीब तीन फीट ऊंचा प्रतिरूप भी भेंट किया। उन्होंने इसे अमेरिका की स्वतंत्र और ऊंची उड़ान भरने वाली भावना का प्रतीक बताया।
जिनपिंग ने साझा इतिहास और सहयोग पर दिया जोर:
स्टेट डिनर में शी जिनपिंग ने अमेरिका और चीन के संबंधों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि चीन का मजबूत होना अमेरिका के खिलाफ नहीं है। उनके अनुसार अमेरिका और चीन दोनों अपने-अपने देशों को मजबूत बनाना चाहते हैं और दोनों के बड़े लक्ष्य हैं, जिनमें एक-दूसरे की मदद की संभावना है।
जिनपिंग ने दूसरे विश्व युद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान अमेरिका और चीन ने मिलकर जापान का मुकाबला किया था। उनके भाषण में दोनों देशों के इस साझा इतिहास को संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
निक्सन और किसिंजर का भी किया जिक्र:
शी जिनपिंग ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की 1972 की चीन यात्रा को याद किया। उन्होंने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हेनरी किसिंजर की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने अमेरिका और चीन के संबंधों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वहीं, जिनपिंग के भाषण में ताइवान और दक्षिण चीन सागर से जुड़े विवादों का जिक्र नहीं हुआ। उन्होंने चीन की बढ़ती परमाणु क्षमता और अमेरिका-चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा पर भी बात नहीं की।
स्टेट डिनर में पहुंचे तकनीक और कारोबार जगत के दिग्गज:
व्हाइट हाउस के स्टेट डिनर में अमेरिका के तकनीक और कारोबार जगत के कई प्रमुख चेहरे भी शामिल हुए। इनमें अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस, टेस्ला और स्पेसएक्स से जुड़े एलन मस्क, गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और ग्रेग ब्रॉकमैन, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग तथा डेल टेक्नोलॉजीज के माइकल डेल शामिल थे।
सैम ऑल्टमैन व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद लोगों को ऑटोग्राफ देते नजर आए। वहीं, जेन्सेन हुआंग इस अवसर पर अपने आम काले चमड़े के जैकेट के बजाय टक्सीडो पहनकर पहुंचे।
दो घंटे चली ट्रम्प-जिनपिंग की बैठक:
स्टेट डिनर से पहले डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग के बीच व्हाइट हाउस में करीब दो घंटे तक बैठक हुई। बैठक निर्धारित समय से लगभग एक घंटे अधिक चली। बंद कमरे में हुई बातचीत के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, व्यापार, सुरक्षा और अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने जिनपिंग के साथ अपने निजी संबंधों पर जोर दिया और दोनों नेताओं की दोस्ती को सच्ची तथा गहरी बताया। वहीं, जिनपिंग ने व्यक्तिगत संबंधों की तुलना में दोनों देशों के बीच लंबे समय के संबंधों और आपसी हितों पर अधिक जोर दिया।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बताया अहम मुद्दा:
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। ट्रम्प ने इसे सुपरइंटेलिजेंस बताया और कहा कि इस क्षेत्र में आज लिए जाने वाले फैसलों का असर आने वाले कई दशकों तक रह सकता है।
जिनपिंग ने एआई को लेकर कहा कि यह तकनीक हमेशा इंसानों के नियंत्रण में रहनी चाहिए। दोनों नेताओं की बातचीत में तकनीक से जुड़े विषय को अहम स्थान मिला।
व्यापार समझौते की अवधि दो महीने बढ़ी:
अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार समझौते की अवधि को दो महीने और बढ़ाकर 10 जनवरी तक किए जाने की जानकारी सामने आई। यह समझौता पहले 10 नवंबर को समाप्त होना था।
इसके अलावा शी जिनपिंग ने अगले पांच वर्षों में एक लाख अमेरिकी छात्रों को चीन आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि चीन अमेरिकी कंपनियों के लिए अपना बाजार खुला रखेगा और उम्मीद जताई कि अमेरिका में चीनी कंपनियों के साथ भी निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा।
ट्रम्प ने जिनपिंग को व्हाइट हाउस का निर्माण कार्य दिखाया:
बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प ने शी जिनपिंग को व्हाइट हाउस में बन रहे नए बॉलरूम और हेलिपैड का काम भी दिखाया। इस दौरान ट्रम्प ने जिनपिंग को ‘ग्रेनाइट एक्सपर्ट’ बताते हुए कहा कि उन्हें अच्छा ग्रेनाइट पसंद है।
व्हाइट हाउस में मीडिया प्रवेश को लेकर विवाद:
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस और अमेरिकी मीडिया के बीच भी विवाद सामने आया। ट्रम्प प्रशासन ने सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में प्रवेश से रोक दिया था।
इसके बाद अदालत ने इन पत्रकारों की व्हाइट हाउस में प्रवेश की अनुमति बहाल करने का आदेश दिया। इसके बावजूद अगले दिन उन्हें दोबारा अंदर जाने से रोका गया। कई प्रयासों के बाद दोपहर करीब 12 बजे पत्रकारों को व्हाइट हाउस में प्रवेश मिल सका।
मीडिया के प्रवेश को लेकर हुए इस विवाद का असर ट्रम्प-जिनपिंग की मुलाकात के टेलीविजन कवरेज पर भी पड़ा। अमेरिका के कई बड़े टीवी नेटवर्क ने दोनों नेताओं की शुरुआती मुलाकात का सीधा प्रसारण नहीं किया। इसी दौरान ओवल ऑफिस में ट्रम्प ने चीनी पत्रकारों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि चीन की मीडिया सबसे दोस्ताना है।
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