लखनऊ: जल निगम पेंशनरों ने खोला मोर्चा, लंबित मांगों पर सत्याग्रह जारी
लखनऊ में उत्तर प्रदेश जल निगम नगरीय एवं ग्रामीण फील्ड वर्कर पेंशनर्स एसोसिएशन का सत्याग्रह चौथे दिन भी जारी रहा। संगठन की ओर से मृतक आश्रितों की लंबित नियुक्तियों और पेंशनरों से जुड़ी विभिन्न मांगों के समाधान को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शासन और जल निगम प्रशासन से लंबित मामलों में जल्द ठोस निर्णय लेने की मांग की है।
190 मृतक आश्रितों की नियुक्ति का मामला लंबित:
एसोसिएशन के अनुसार करीब 190 मृतक आश्रितों की नियुक्तियां लंबे समय से लंबित हैं। संगठन ने शासन और जल निगम प्रशासन से इन नियुक्तियों की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की है। इसके साथ ही पेंशनरों की समस्याओं का भी तत्काल समाधान किए जाने की मांग उठाई गई है।
संगठन का कहना है कि मृतक आश्रितों की नियुक्तियों समेत अन्य मांगों को लेकर वर्ष 2020 से लगातार शासन और विभाग के समक्ष अपनी बात रखी जाती रही है। इसके बावजूद लंबित मामलों का अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है।
आश्वासन नहीं, लिखित निर्णय की मांग:
सत्याग्रह कर रहे पेंशनरों का कहना है कि लंबे समय से मांगें रखे जाने के बावजूद उन्हें अब तक ठोस कार्रवाई का इंतजार है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनकी मांग है कि लंबित मामलों को लेकर लिखित और ठोस निर्णय लिया जाए, जिससे प्रभावित लोगों को आगे की स्थिति स्पष्ट हो सके।
एसोसिएशन ने शासन और जल निगम प्रशासन से पेंशनरों की समस्याओं तथा मृतक आश्रितों की लंबित नियुक्तियों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों के कारण संबंधित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा सत्याग्रह:
एसोसिएशन ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक सत्याग्रह जारी रहेगा। संगठन की ओर से जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किए जाने की बात भी कही गई है।
आंदोलनकारियों ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी प्रमुख मांगें लंबित नियुक्तियों और पेंशनरों की समस्याओं के समाधान से जुड़ी हैं। संगठन शासन और जल निगम प्रशासन से इन मामलों में ठोस कदम उठाए जाने की अपेक्षा कर रहा है।
2027 के विधानसभा चुनाव में मुद्दा उठाने की बात:
एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के दौरान इस मुद्दे को जनता के बीच उठाया जाएगा। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मामलों को लेकर वह अपनी मांगों को लगातार सामने रख रहा है और समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
भारतीय कानून को ध्यान में रखते हुए खबर में आंदोलनकारी संगठन की ओर से लगाए गए दावों और मांगों को उसी के पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई अलग पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।
#Tag: #UPJalNigam
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
रिपोर्टर: संतोष कुमार