कॉकरोच पार्टी और सरकार के बीच आज बातचीत:CJP बोली- पीएम दबाव में हैं, इसलिए देर रात वीडियो जारी किया; प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन करेंगे
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। शुक्रवार को Cockroach Janata Party (कॉकरोच जनता पार्टी- CJP) और सरकार के बीच दूसरी बार बातचीत Constitution Club (कॉन्स्टिट्यूशन क्लब), Delhi (दिल्ली) में दोपहर 12:30 बजे प्रस्तावित है। इससे पहले 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्री JP Nadda (जेपी नड्डा) के आवास पर दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई थी, लेकिन वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk (सोनम वांगचुक) ने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया।
दूसरे दौर की वार्ता पर टिकी नजरें:
पहले दौर की बातचीत के बाद सरकार की ओर से कहा गया था कि चार बार CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) को बातचीत के लिए बुलाया गया, लेकिन पार्टी की ओर से प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। वहीं, CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का कहना था कि वह केंद्रीय मंत्री के आवास पर बातचीत करने नहीं जाएगी और किसी तटस्थ स्थान पर वार्ता चाहती है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच Constitution Club (कॉन्स्टिट्यूशन क्लब) को बातचीत के लिए स्थान तय किया गया।
26वें दिन खत्म हुआ सोनम वांगचुक का अनशन:
सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk (सोनम वांगचुक) ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। देर रात करीब 12:30 बजे केंद्रीय मंत्री JP Nadda (जेपी नड्डा) और Jitendra Singh (जितेंद्र सिंह) Medanta Hospital (मेदांता अस्पताल) पहुंचे, जहां उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। वांगचुक ने बताया कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
सीजेपी ने सरकार पर दबाव का किया दावा:
CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रवक्ता Ashutosh Ranka (आशुतोष रांका) ने कहा कि सरकार आंदोलन के दबाव में है और इसी वजह से प्रधानमंत्री को देर रात वीडियो जारी करना पड़ा। उनका कहना था कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) इस्तीफा नहीं देते, तब तक Jantar Mantar (जंतर-मंतर) पर प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को कैबिनेट के संभावित फैसलों से कोई मतलब नहीं है और आंदोलन अपनी मांगों के पूरा होने तक चलता रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच कई मेट्रो स्टेशन बंद:
प्रदर्शन को देखते हुए Central Delhi (सेंट्रल दिल्ली) में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। Rajiv Chowk (राजीव चौक) और Lok Kalyan Marg (लोक कल्याण मार्ग) समेत 17 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं। देर रात Parliament Street (संसद मार्ग) पर प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़े जाने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। वहीं, CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने देशभर में प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।
कनॉट प्लेस में शाम को बंद रहीं दुकानें:
गुरुवार को New Delhi Traders Association (न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन) ने Connaught Place (कनॉट प्लेस- CP) स्थित दुकानों, दफ्तरों और रेस्तरां को शाम 6:30 बजे तक बंद रखने का निर्देश दिया था। एसोसिएशन ने कहा कि क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए NDMC (एनडीएमसी) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की सलाह पर यह निर्णय लिया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में लोगों की आवाजाही काफी कम दिखाई दी।
विपक्षी नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना:
Mallikarjun Kharge (मल्लिकार्जुन खड़गे) ने कहा कि जब संसद चल रही हो तो प्रधानमंत्री को संसद के भीतर बयान देना चाहिए, न कि देर रात वीडियो जारी कर संसद के बाहर अपनी बात रखनी चाहिए। वहीं Sonia Gandhi (सोनिया गांधी) ने कहा कि सरकार ने छात्रों के साहस का जवाब कठोरता से दिया है और उन्हें देश का भविष्य मानने के बजाय अलग नजरिए से देखा जा रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी कार्यप्रणाली को लेकर भी अपनी टिप्पणी दी।
राहुल गांधी ने दोहराईं तीन प्रमुख मांगें:
Rahul Gandhi (राहुल गांधी) ने कहा कि छात्रों की पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के वीडियो से उनकी मांगों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। राहुल गांधी ने तीन मांगें दोहराईं, जिनमें शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, 20 जुलाई को छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और छात्रों से माफी शामिल है।
सोनम वांगचुक ने लिखित आश्वासन की जानकारी दी:
सोनम वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के साथ लिखित आश्वासन को लेकर बातचीत चल रही थी, जिसके कारण उनका अनशन दो दिन और जारी रहा। उन्होंने कहा कि सरकार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया है कि Jantar Mantar (जंतर-मंतर) पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों तथा संसद मार्च में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और Parliament (संसद) में पेपर लीक तथा परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा कराने का भरोसा भी दिया गया है।
इस्तीफे पर नहीं मिला आश्वासन:
सोनम वांगचुक ने कहा कि Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) के इस्तीफे को लेकर सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने बताया कि उनके सामने या तो अनिश्चित समय तक अनशन जारी रखने या फिर लिखित आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन के अगले चरण की तैयारी करने का विकल्प था। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों ने उनसे आग्रह किया कि आगे के संघर्ष के लिए उनका स्वस्थ रहना आवश्यक है।
छात्रों पर कार्रवाई रोकना सबसे बड़ी प्राथमिकता:
सोनम वांगचुक ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रों पर कानूनी कार्रवाई न होना था। उनका कहना था कि यदि छात्रों पर मामले दर्ज हो जाते हैं तो इससे उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा समय के साथ अपने स्तर पर आगे बढ़ेगा, लेकिन छात्रों के भविष्य की सुरक्षा उनकी प्राथमिक चिंता रही।
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