लखनऊ में परिषद अधिवेशन संपन्न, संगठन विस्तार और समाजहित के मुद्दों पर हुई चर्चा
लखनऊ में राष्ट्रीय परशुराम परिषद, उत्तर प्रदेश का एक दिवसीय अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन में संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान, भगवान परशुराम की विरासत और सनातन संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान आगामी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई।
अधिवेशन में संगठन विस्तार पर चर्चा:
राष्ट्रीय परशुराम परिषद, उत्तर प्रदेश का अधिवेशन लखनऊ स्थित संघ भवन, डिप्लोमा इंजीनियर संघ, गवर्नर हाउस गेट नंबर-1 के सामने आयोजित हुआ। कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे किया गया। अधिवेशन में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श किया।
बैठक में संगठन को और अधिक सक्रिय एवं व्यापक बनाने के लिए विस्तार की दिशा में चर्चा हुई। सदस्यता अभियान को गति देने तथा अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने से संबंधित विषयों पर भी विचार रखा गया। अधिवेशन में सामाजिक जिम्मेदारियों और समाजहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
परशुराम की विरासत और संस्कृति संरक्षण पर जोर:
अधिवेशन के दौरान भगवान परशुराम की विरासत तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहे। वक्ताओं ने समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए।
इसके साथ ही समाज के युवाओं को संगठन से जोड़ने और उन्हें सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। बैठक में आगामी कार्यक्रमों के संचालन को लेकर आवश्यक रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।
परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा और अन्य विषयों पर बनी योजना:
अधिवेशन में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। इनमें परशुराम कुंड तीर्थ यात्रा से संबंधित विषय शामिल रहे। इसके अलावा UGC से जुड़े विषयों तथा समाज और संस्कृति के संरक्षण से संबंधित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इन सभी विषयों को लेकर आगे की कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और समाजहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि ने एकजुटता और सक्रियता पर दिया जोर:
अधिवेशन के मुख्य अतिथि पंडित सुनील भराला, उत्तर प्रदेश सरकार के निवर्तमान मंत्री रहे। उन्होंने अपने संबोधन में संगठन की एकजुटता, अनुशासन, सक्रियता और सामाजिक जिम्मेदारी को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि समाजहित से जुड़े विषयों को मजबूती के साथ उठाने के साथ युवाओं को संगठन से जोड़ना जरूरी है। युवाओं को सामाजिक और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।

आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार की गई रणनीति:
अधिवेशन में संगठन के आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए रणनीति और कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में संगठनात्मक विस्तार से लेकर सदस्यता अभियान, सामाजिक सरोकार, संस्कृति संरक्षण और प्रस्तावित कार्यक्रमों से जुड़े विषयों को शामिल किया गया।
अधिवेशन का समापन संगठनात्मक सक्रियता और समाजहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की कार्ययोजना के साथ हुआ।
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