NTA के 47 अफसर बर्खास्त, CJP प्रोटेस्ट के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में National Testing Agency (NTA) (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, बर्खास्त किए गए अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई National Testing Agency (NTA) (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) में व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा है और आने वाले समय में संस्था में कई अन्य बदलाव भी लागू किए जाएंगे।
एनटीए में सुधार की प्रक्रिया तेज:
अधिकारियों के मुताबिक, National Testing Agency (NTA) (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। एक दिन पहले केंद्र सरकार ने Education Ministry (शिक्षा मंत्रालय) के दो सचिवों में भी बदलाव किया था। इसके बाद अब परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आउटसोर्सिंग और तकनीकी व्यवस्था में होंगे बदलाव:
अधिकारियों के अनुसार, National Testing Agency (NTA) (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। साथ ही संस्था में आधुनिक तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे, ताकि परीक्षाओं की सुरक्षा और विश्वसनीयता को मजबूत किया जा सके। इसके अलावा ऐसा टेस्टिंग सिस्टम विकसित करने की तैयारी है, जिसमें पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना को समाप्त किया जा सके।
चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर होंगे नियुक्त:
National Testing Agency (NTA) (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) चार वरिष्ठ General Manager (जनरल मैनेजर) और UPSC (यूपीएससी) के Pratibha Setu Portal (प्रतिभा सेतु पोर्टल) के माध्यम से 16 Young Professionals (यंग प्रोफेशनल्स) की नियुक्ति करेगी।
पहले General Manager (जनरल मैनेजर) की जिम्मेदारी प्रश्न बैंक, प्रश्नपत्रों के मानकीकरण, स्कोर सामान्यीकरण, कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं तथा AI आधारित मूल्यांकन प्रणाली के विकास की निगरानी करना होगी।
दूसरे General Manager (जनरल मैनेजर) देश के 500 से अधिक शहरों और कुछ अंतरराष्ट्रीय परीक्षा केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
तीसरे General Manager (जनरल मैनेजर) National Testing Agency (NTA) (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की सभी डिजिटल प्रणालियों, नेटवर्क और डाटा की साइबर सुरक्षा की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही वे सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की चौबीसों घंटे निगरानी की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
चौथे General Manager (जनरल मैनेजर) परीक्षा में गड़बड़ियों की जांच, डिजिटल फॉरेंसिक प्रणाली के विकास तथा CBI (सीबीआई), IB (आईबी), ED (ईडी), राज्य पुलिस और साइबर क्राइम इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच में किसी प्रकार की ढिलाई न हो।
प्रधानमंत्री के संदेश के बाद हुई कार्रवाई:
पेपर लीक मामले में अधिकारियों को हटाने की यह कार्रवाई Prime Minister Narendra Modi (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) के वीडियो संदेश के लगभग 20 घंटे के भीतर हुई। 23 जुलाई की रात करीब 12 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी लगभग 2 मिनट 56 सेकंड के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और यह लाखों छात्रों तथा उनके अभिभावकों के लिए पीड़ादायक है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पिछले ढाई महीनों के दौरान पेपर लीक के मामलों में कई कदम उठाए गए हैं, दोषियों को गिरफ्तार किया गया है और वे जेल में हैं। साथ ही छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसके लिए कम समय में 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई गई। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस स्तर पर रुकने वाली नहीं है और उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश भी दिए हैं।
क्या है पूरा NEET-UG 2026 मामला:
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया था। इसके बाद सरकार और National Testing Agency (NTA) (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से कई छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
पेपर लीक के विरोध में Delhi (दिल्ली) के Jantar Mantar (जंतर-मंतर) पर Cockroach Janata Party (CJP) (कॉकरोच जनता पार्टी) पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रही है। वहीं Sonam Wangchuk (सोनम वांगचुक) ने 26 दिनों तक अनशन किया, जबकि इस मुद्दे को लेकर Parliament (संसद) में भी सांसदों के विरोध और हंगामे की जानकारी सामने आई।
सीबीआई कर रही मामले की जांच:
फिलहाल पूरे मामले की जांच CBI (सीबीआई) कर रही है। जांच के दौरान Maharashtra (महाराष्ट्र), Rajasthan (राजस्थान), Delhi (दिल्ली) सहित कई राज्यों में पड़ताल की गई है। अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि CBI (सीबीआई) जल्द ही इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर सकती है।
पेपर लीक कानून में हुए बदलाव:
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जून 2024 तक पेपर लीक के मामलों के लिए कोई एक केंद्रीय कानून लागू नहीं था। ऐसे मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती थी। कुछ राज्यों ने अलग-अलग नकल विरोधी कानून भी बनाए और कुछ मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग तथा गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराओं का भी उपयोग किया गया।
इसके बाद NEET-UG और UGC (यूजीसी) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इस कानून के तहत पेपर लीक, नकल कराने, गलत तरीके से OMR शीट प्राप्त करने, परीक्षा से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने तथा परीक्षकों को धमकाने जैसे अपराधों को गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसे मामलों में अलग-अलग श्रेणियों के तहत तीन से दस वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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