लखनऊ में रेलवे सुरक्षा पर बड़ी बैठक, अपराध रोकने की बनी रणनीति

लखनऊ। रेल यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे में अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समिति (SLSCR) की 12वीं समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) मुख्यालय लखनऊ के सभागार से ऑनलाइन माध्यम के जरिए हुई इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक रेलवे, उत्तर प्रदेश प्रकाश डी. (Prakash D.) ने की।

रेलवे सुरक्षा के मुद्दों पर हुआ मंथन:

बैठक में रेलवे सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। रेलवे में तकनीकी संसाधनों को बेहतर बनाने, ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं पर नियंत्रण और रेल पटरियों पर अवरोध की घटनाओं की रोकथाम को लेकर अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया। जीआरपी (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त ट्रैक पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।

रेल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। रेलवे सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई।

रेलवे को बताया देश की जीवनरेखा:

गोष्ठी के दौरान भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा बताते हुए उसकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे सुरक्षा से जुड़ी सभी एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय बेहतर होना जरूरी है।

बैठक में बताया गया कि पिछले वर्षों में ट्रेनों, रेल यात्रियों, रेलवे स्टेशनों और प्लेटफार्मों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। वहीं, पिछले 25 वर्षों में जीआरपी की जनशक्ति और आधारभूत ढांचे में वृद्धि नहीं हुई है।

बड़ी रेलवे परियोजनाओं में सुरक्षा पर जोर:

गोष्ठी में रेलवे की बड़ी परियोजनाओं के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन यानी डीपीआर तैयार किए जाने के स्तर से ही सुरक्षा संबंधी पहलुओं को शामिल करने पर जोर दिया गया। जीआरपी की जनशक्ति, आधारभूत ढांचे, बजट और तकनीकी क्षमता में वृद्धि की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में मजबूती आने से जीआरपी की कार्यक्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने तथा अपराध और कानून-व्यवस्था के नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।

रेलवे कर्मियों के सत्यापन पर भी चर्चा:

बैठक में रेलवे कर्मियों और संविदा कर्मियों के अनिवार्य पुलिस सत्यापन तथा पहचान पत्र धारण करने के विषय को भी प्रमुखता से रखा गया। रेलवे परिसर और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक कदमों पर अधिकारियों ने विचार किया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑनलाइन लिया हिस्सा:

गोष्ठी में पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ आर.के. भारद्वाज (R.K. Bhardwaj), पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ अनिल मिश्रा (Anil Mishra) और अपर पुलिस अधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर पुलिस महानिदेशक रेलवे उत्तर प्रदेश लखनऊ अनिल कुमार (Anil Kumar) मौजूद रहे।

इसके अलावा प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त (PCSC), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के विभिन्न क्षेत्रों के अधिकारी, आईजी सह प्रबंधक/सुरक्षा, डीएफसीसीआईएल (DFCCIL)/ईडीएफसी (EDFC) प्रयागराज, डब्ल्यूडीएफसी (WDFC) अहमदाबाद/गुजरात, मुख्य ट्रैक इंजीनियर तथा रेलवे, जीआरपी और आरपीएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी

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