लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी के शेयर 19% गिरे, PNC ने कहा- हम नॉन-परफॉर्मर नहीं
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण और सड़क की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक (पीएनसी इंफ्राटेक) के शेयर में भी गिरावट दर्ज की गई है। 5 अगस्त को NHAI (एनएचएआई) की ओर से कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उस समय कंपनी का शेयर 260.24 रुपये पर था। इसके बाद चार दिनों में कंपनी के शेयर मूल्य में करीब 19 प्रतिशत की कमी बताई गई है।
इसके बाद PNC इंफ्राटेक (पीएनसी इंफ्राटेक) ने BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) और NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) को तीन पेज का पत्र भेजकर अपना पक्ष रखा। कंपनी ने कहा कि उसे न तो ब्लैकलिस्ट किया गया है और न ही नॉन-परफॉर्मर घोषित किया गया है। कंपनी के मुताबिक, अभी केवल कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है, जिसका जवाब उसकी सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेस-वे प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दिया जा रहा है।
सड़क की खराब स्थिति पर अलग-अलग दावे:
PNC इंफ्राटेक ने 6 अगस्त को भेजे पत्र में कहा कि लगातार हुई बारिश से एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। कंपनी के अनुसार, प्रभावित हिस्सा करीब 300 मीटर है, जो पूरे एक्सप्रेसवे की लंबाई का 0.5 प्रतिशत से भी कम है।
वहीं, दी गई जानकारी के मुताबिक 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर करीब 600 से 700 मीटर हिस्सा अलग-अलग स्थानों पर धंसने या उखड़ने की स्थिति में है। इन हिस्सों को खोदकर दोबारा बनाए जाने की बात कही गई है। उन्नाव से लखनऊ जाने वाली 45 किलोमीटर की लेन में भी लगभग हर दो किलोमीटर पर सड़क के धंसने या उखड़ने की जानकारी सामने आई है। कुल 84 स्थानों पर सड़क में गड़बड़ी पाए जाने का दावा किया गया है।
बारिश के कारण नुकसान का कंपनी का दावा:
PNC इंफ्राटेक ने सड़क खराब होने के पीछे लगातार हुई बारिश को प्रमुख कारण बताया है। वहीं, NHAI की तकनीकी जांच में निर्माण गुणवत्ता और डामर की परत के ठीक से न बैठने को सड़क खराब होने की वजह बताया गया है।
इसको लेकर कंपनी की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण और तकनीकी जांच में सामने आई बातों के बीच अंतर दिखाई देता है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर सामने आए इन दावों के बीच अब जांच रिपोर्ट पर भी नजर बनी हुई है।
नॉन-परफॉर्मर कार्रवाई पर कंपनी ने दी सफाई:
कंपनी ने BSE और NSE को भेजे पत्र में कहा कि उसे ब्लैकलिस्ट या नॉन-परफॉर्मर घोषित नहीं किया गया है। उसके मुताबिक, फिलहाल केवल कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।
वहीं, 5 अगस्त को NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की आधिकारिक कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी दी थी। सड़क निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार चार अधिकारियों को परियोजना से हटाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
इन अधिकारियों में निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र अभियंता टीम के प्रमुख सुरेंद्र कुमार, आवासीय अभियंता यतेंद्र कुमार और मौजूदा परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा शामिल हैं।
मरम्मत के बाद फिर सड़क धंसने का दावा:
PNC इंफ्राटेक का कहना है कि जहां सड़क अधिक खराब थी, वहां तत्काल मरम्मत कराई गई है। कंपनी के मुताबिक, बाकी स्थानों पर भी तेजी से काम चल रहा है। अनुबंध के अनुसार एक्सप्रेसवे बनने के बाद 15 वर्षों तक इसकी देखरेख की जिम्मेदारी PNC इंफ्राटेक की है।
हालांकि, मौके की स्थिति को लेकर अलग दावा सामने आया है। जिन स्थानों पर सड़क की पुरानी कमियों को दूर करने के लिए पैचवर्क किया गया था, वहां दोबारा पैचवर्क उखड़ने की बात कही गई है। पिछले 24 घंटे में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर 14 जगह सड़क फिर धंसने की जानकारी सामने आई है।
सड़क की मरम्मत के तरीके को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में सड़क को पंखे से सुखाते हुए दिखाए जाने की बात कही गई है।
कई स्थानों पर सड़क में आई खराबी:
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर दो दिनों के भीतर 14 नई जगहों पर सड़क धंसने, नालियां बैठने और पानी भरने की समस्या सामने आने की जानकारी दी गई है। रावल गांव के पास डिवाइडर के किनारे करीब छह फीट लंबा और चार फीट गहरा गड्ढा होने की बात कही गई है।
उन्नाव-लखनऊ लेन पर तीन नए पैच किए गए हैं। वहीं 39.7 किलोमीटर पर करीब 100 मीटर हिस्से में पैचवर्क का काम जारी है। लखनऊ-उन्नाव लेन पर इसराइल खेड़ा के पास भी सड़क उखड़ने की जानकारी सामने आई है।
आईआईटी खड़गपुर की जांच पूरी:
फिलहाल IIT खड़गपुर (आईआईटी खड़गपुर) के इंजीनियरों ने एक्सप्रेसवे की जांच पूरी कर ली है। जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर केएस रेड्डी 12 दिनों में अपनी रिपोर्ट NHAI मुख्यालय को सौंपेंगे। जांच के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
जांच में PNC इंफ्राटेक और NHAI अधिकारियों से पूछताछ की रिकॉर्डिंग किए जाने की भी जानकारी दी गई है। इसके अलावा यह भी जांचा गया है कि PNC इंफ्राटेक ने एक्सप्रेसवे के डिजाइन में कोई बदलाव तो नहीं किया था।
अब जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एक्सप्रेसवे की सड़क की गुणवत्ता, निर्माण कार्य और मरम्मत से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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