गाजीपुर: हिंदू कॉलेज में बड़ा बदलाव, कैप्टन (डॉ.) ए.पी. तिवारी को मिली चीफ प्रॉक्टर की जिम्मेदारी
जमानियां। स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पठन-पाठन को चुस्त-दुरुस्त करने और अनुशासन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नया प्रॉक्टोरियल बोर्ड गठित किया गया है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्री निवास सिंह ने पूर्व में क्रियाशील प्रॉक्टोरियल बोर्ड को भंग करते हुए नए बोर्ड का गठन किया है। हिंदी विभाग के सहायक आचार्य एवं एनसीसी अधिकारी कैप्टन (डॉ.) अंगद प्रसाद तिवारी को महाविद्यालय का मुख्य अनुशास्ता नियुक्त किया गया है।
कैप्टन (डॉ.) अंगद प्रसाद तिवारी बने मुख्य अनुशास्ता:
नए प्रॉक्टोरियल बोर्ड में हिंदी विभाग के सहायक आचार्य एवं एनसीसी अधिकारी कैप्टन (डॉ.) अंगद प्रसाद तिवारी को मुख्य अनुशास्ता की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अर्थशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह को उप मुख्य अनुशास्ता नियुक्त किया गया है।
महाविद्यालय प्रशासन की ओर से यह बदलाव पठन-पाठन व्यवस्था को बेहतर बनाने और परिसर में अनुशासन को सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से किया गया है। नए बोर्ड को विद्यार्थियों के बीच अनुशासन बनाए रखने के साथ कक्षाओं के सुचारू संचालन में सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है।
इन शिक्षकों को भी दी गई अनुशास्ता की जिम्मेदारी:
प्रॉक्टोरियल बोर्ड में मुख्य और उप मुख्य अनुशास्ता के साथ अन्य शिक्षकों को भी अनुशास्ता का दायित्व सौंपा गया है। इसमें भूगोल विभाग के प्रभारी एवं सहायक आचार्य डॉ. राम लखन यादव, अंग्रेजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. धर्मेंद्र यादव, भौतिकी विभाग के सहायक आचार्य एवं विभाग प्रभारी डॉ. महेंद्र कुमार, समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. कमलेश यादव तथा गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी एवं सहायक आचार्य सोनम यादव शामिल हैं।
नवनियुक्त अनुशास्ता मंडल से महाविद्यालय में अनुशासन व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की अपेक्षा की गई है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गरिमा के अनुरूप अनुशासित और जिम्मेदार बनाने की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी भी बोर्ड के सदस्यों की होगी।
कक्षाओं के सुचारू संचालन पर जोर:
प्राचार्य प्रो. श्री निवास सिंह ने कहा कि अनुशास्ता मंडल से अपेक्षा है कि वह महाविद्यालय की गरिमा के अनुरूप छात्र-छात्राओं को तैयार करने और उन्हें अनुशासित रखने का कार्य करेगा। इससे कक्षाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा और किसी भी विद्यार्थी को किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि अनुशासन व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना महाविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए अनुशास्ता मंडल को अपनी जिम्मेदारियों का सकारात्मक तरीके से निर्वहन करना होगा, ताकि शिक्षण व्यवस्था भी व्यवस्थित बनी रहे।
जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर लिया जाएगा सहयोग:
प्राचार्य ने कहा कि महाविद्यालय की अनुशासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों के अभिभावकों और क्षेत्र के प्रतिष्ठित एवं संभ्रांत लोगों का मार्गदर्शन तथा सहयोग भी प्राप्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अनुशास्ता मंडल की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अच्छे नागरिक के रूप में तैयार करने में भी सहयोग करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए महाविद्यालय के सभी लोगों से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा की गई है।
अनुशासन के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण की तैयारी:
नए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के गठन के साथ महाविद्यालय में अनुशासन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। बोर्ड के सदस्यों को सौंपे गए दायित्वों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने और पठन-पाठन को सुचारू बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप कार्य करने की अपेक्षा जताई है।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल