गोरखपुर के ‘डॉक्टर’ को पिस्टल की खेप देने आए युवक को एसटीएफ ने दबोचा, मध्य प्रदेश से की थी तस्करी।
गोरखपुर में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर से पिस्टल लाकर बेचने के आरोप में एसटीएफ (STF) ने सोमवार रात एक युवक को पैडलेगंज के पास गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से .32 बोर की दो पिस्टल और एक कारतूस बरामद होने की बात सामने आई है। पकड़े गए युवक की पहचान रमेश दत्त त्रिपाठी उर्फ बोलबंम उर्फ अभिषेक पंडित उर्फ छोटू के रूप में हुई है। एसटीएफ के मुताबिक, युवक गोरखपुर में सिक्टौर के पास रहने वाले एक डॉक्टर नाम के व्यक्ति को पिस्टल देने के लिए उसका इंतजार कर रहा था।
बुरहानपुर से पिस्टल लाने की बात कबूली:
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह अपने साथी राजीव यादव के साथ मध्य प्रदेश के बुरहानपुर गया था। वहीं से दोनों पिस्टल लेकर गोरखपुर आने की बात उसने बताई। एसटीएफ अब मध्य प्रदेश से गोरखपुर तक बताए जा रहे इस असलहा नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया रमेश दत्त त्रिपाठी पुत्र अनिल दत्त प्रयागराज के नैनी थाना क्षेत्र के यमुनानगर स्थित विनायक नगर में नमक फैक्ट्री के पीछे रहता है। सोमवार रात एसटीएफ की टीम ने उसे पैडलेगंज के पास उस समय पकड़ा, जब वह सिक्टौर के पास रहने वाले डॉक्टर नाम के व्यक्ति के आने का इंतजार कर रहा था।
12 हजार में खरीदी, मुनाफे पर बेचने की तैयारी:
पूछताछ में रमेश ने बताया कि उसने दोनों पिस्टल 12-12 हजार रुपये में खरीदी थीं। इन्हें गोरखपुर में बेचने के लिए लाने की बात भी उसने बताई। उसके मुताबिक, दोनों पिस्टल को 15 से 20 हजार रुपये के मुनाफे पर बेचने की योजना थी।
एसटीएफ ने कार्रवाई के दौरान आरोपित का मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है। अब मोबाइल में मिले नंबरों और बातचीत के आधार पर उसके संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपित का राजीव यादव से संपर्क कैसे हुआ और दोनों के बीच पिस्टल की खरीद-फरोख्त का सिलसिला कब से चल रहा था।
मोबाइल नंबरों से नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही एसटीएफ:
एसटीएफ अब मोबाइल फोन में मिले नंबरों और बातचीत के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बुरहानपुर से पिस्टल लाने का सिलसिला कितने समय से चल रहा था और गोरखपुर में अब तक कितने लोगों तक असलहा पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आती है।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग संपर्क में थे और असलहा पहुंचाने की प्रक्रिया किस तरह चल रही थी।
मध्य प्रदेश से गोरखपुर तक नेटवर्क की जांच:
दो पिस्टल और एक कारतूस बरामद होने के बाद एसटीएफ की जांच अब केवल पकड़े गए युवक तक सीमित नहीं है। मोबाइल फोन से सामने आने वाले संपर्कों के आधार पर मध्य प्रदेश और गोरखपुर के बीच बताए जा रहे असलहा नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच में राजीव यादव की भूमिका, बुरहानपुर से पिस्टल की खरीद और गोरखपुर में संभावित खरीदारों से संपर्क समेत अन्य बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। एसटीएफ की पूछताछ और जांच के आधार पर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।
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रिपोर्टर: रविन्द्र चौधरी