हमीरपुर: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बोली कराने का आरोप, कुरारा में मचा विवाद
हमीरपुर के कुरारा नगर पंचायत में हाईकोर्ट के आदेश की कथित अवहेलना का मामला सामने आया है। आरोप है कि 30 सितंबर को हाईकोर्ट ने प्रार्थी पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। इसके बावजूद आदेश की जानकारी होने के बावजूद शाम पांच बजे बंद कमरे में कथित रूप से गुप्त बोली कराए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले को लेकर याचिकाकर्ताओं ने नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं तथा जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बोली कराने का आरोप:
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि 30 सितंबर को हाईकोर्ट ने प्रार्थी पक्ष को अपना जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। इसके बावजूद कुरारा नगर पंचायत में शाम पांच बजे बंद कमरे में कथित रूप से बोली की प्रक्रिया कराई गई।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी थी, इसके बाद भी कथित तौर पर बोली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इसी को लेकर अब पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बंद लिफाफे की प्रक्रिया पर उठे सवाल:
मामले में याचिकाकर्ताओं ने खुली बोली के बजाय सीलबंद लिफाफे में प्रस्ताव मंगाने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बोली की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता का सवाल उठता है।
याचिकाकर्ताओं ने बंद लिफाफे में प्रस्ताव मंगाने की शर्तों को भी अपारदर्शी बताया है। इसके साथ ही प्रक्रिया के दौरान वीडियोग्राफी नहीं कराए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
14 दुकानदारों के पुनर्वास की मांग:
मामले में वर्ष 1985 से संचालित 14 दुकानदारों के पुनर्वास और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवंटन दिए जाने की मांग भी उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से संचालित इन दुकानों से जुड़े दुकानदारों के पुनर्वास और प्राथमिकता आवंटन के विषय पर भी विचार किया जाना चाहिए।
इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने मौजूदा प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जिलाधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग:
याचिकाकर्ताओं ने पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है। पत्र के माध्यम से नगर पंचायत में हुई कथित बोली प्रक्रिया की जांच कराने और मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत में नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के आदेश, बोली की प्रक्रिया, बंद लिफाफे की शर्तों और वीडियोग्राफी नहीं कराए जाने से जुड़े बिंदुओं की जांच कराने की मांग उठाई है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ताओं की ओर से जिलाधिकारी को शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का पक्ष सामने आना बाकी है।
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रिपोर्टर: मोहम्मद अकरम