एटा: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्रियों ने खोला मोर्चा
एटा (Etah) में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है। आपकी आवाज सामाजिक संगठन की ओर से शासन-प्रशासन को मांग पत्र सौंपकर कार्यकत्रियों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की गई है। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में काम के बहिष्कार की चेतावनी दी है। कार्यकत्रियों ने यात्रा भत्ता, आकस्मिक मृत्यु पर 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आयुष्मान कार्ड समेत कई मांगें उठाई हैं।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद:
आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्रियों से जुड़ी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आपकी आवाज सामाजिक संगठन ने शासन-प्रशासन के समक्ष मांग पत्र रखा है। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में आशा और आशा संगिनी कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद उनकी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
मांग पत्र के माध्यम से कार्यकत्रियों के लिए यात्रा भत्ता उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही आकस्मिक मृत्यु होने की स्थिति में 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है।
मृत्यु के बाद परिवार को नौकरी की मांग:
संगठन की ओर से यह भी मांग रखी गई है कि आशा कार्यकत्री की मृत्यु के बाद उसके परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाए। संगठन का कहना है कि ऐसी व्यवस्था से कार्यकत्री के परिवार को आर्थिक सहारा मिल सकेगा।
इसके अलावा आशा संगिनी कार्यकत्रियों के ड्यूटी समय को निर्धारित करने की मांग भी की गई है। कार्यकत्रियों की ओर से 24 दिन की जगह 30 दिन विजिट कराने की मांग उठाई गई है। संगठन ने इससे संबंधित व्यवस्था में बदलाव की मांग शासन-प्रशासन के सामने रखी है।
प्रति डिलीवरी 1000 रुपये भुगतान की मांग:
आशा कार्यकत्रियों की मांगों में पीएमवाई का काम वापस देने की मांग भी शामिल है। इसके साथ ही प्रति डिलीवरी 1000 रुपये भुगतान किए जाने की मांग उठाई गई है। संगठन की ओर से आशा कार्यकत्रियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 वर्ष किए जाने की मांग भी की गई है।
संगठन ने इन मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को मांग पत्र सौंपा है। मांगों में आर्थिक सहायता, कार्य से जुड़ी सुविधाएं, भुगतान और सेवानिवृत्ति की उम्र सहित अलग-अलग मुद्दों को शामिल किया गया है।
स्वास्थ्य योजनाओं में भूमिका का हवाला:
आपकी आवाज सामाजिक संगठन का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं को धरातल पर पहुंचाने में आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्रियों की अहम भूमिका रहती है। संगठन ने कार्यकत्रियों से जुड़ी मांगों को गंभीरता से लेने और उन्हें पूरा करने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि कार्यकत्रियों की समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है। इसी को लेकर मांग पत्र के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान उनकी विभिन्न मांगों की ओर आकर्षित किया गया है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो कार्य बहिष्कार की चेतावनी:
संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में कार्य बहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी है। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्रियों की ओर से उठाई गई आवाज के बाद अब शासन-प्रशासन से कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
फिलहाल संगठन की ओर से यात्रा भत्ता, आर्थिक सहायता, आयुष्मान कार्ड, परिवार के सदस्य को नौकरी, ड्यूटी समय निर्धारित करने, 30 दिन विजिट, पीएमवाई का काम वापस देने, प्रति डिलीवरी 1000 रुपये भुगतान और 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति उम्र समेत विभिन्न मांगें रखी गई हैं।
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रिपोर्टर: विपिन कुमार