लखनऊ में शिक्षकों का बड़ा सम्मेलन, पुरानी पेंशन समेत 11 मांगों पर उठी आवाज
लखनऊ में टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Teachers Federation of India) का वार्षिक सम्मेलन अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर (Atal Bihari Vajpayee Convention Centre) में आयोजित किया गया। सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह (Neeraj Singh) अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा (Dr. Dinesh Chandra Sharma) ने की। सम्मेलन के दौरान शिक्षकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगों पर चर्चा:
सम्मेलन में शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। फेडरेशन की ओर से डीटीटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही पुरानी पेंशन बहाल करने और केंद्रीय विद्यालयों के समान वेतनमान दिए जाने की मांग भी की गई। शिक्षकों ने प्रधानाध्यापक पदों की स्वीकृति और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
फेडरेशन का कहना है कि शिक्षकों से जुड़े इन मुद्दों के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जाने की जरूरत है। सम्मेलन में शिक्षकों की सेवा से संबंधित मांगों के साथ-साथ विद्यालयों में कार्य व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
स्वास्थ्य बीमा और अवकाश प्रतिबंध हटाने की मांग:
शिक्षकों की मांगों में स्वास्थ्य बीमा को शामिल करने के साथ बाल्य देखभाल अवकाश से जुड़े प्रतिबंध हटाने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा विद्यालयों के विलय पर रोक लगाने की मांग फेडरेशन की ओर से रखी गई।
सम्मेलन में शिक्षकों से संबंधित सभी मांगों को लेकर चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर आगे प्रयास करने की बात कही गई। फेडरेशन ने शिक्षकों की समस्याओं को संबंधित स्तर पर रखने और उनके समाधान के लिए प्रयास जारी रखने का संदेश दिया।
सरकार से समन्वय कर समाधान का प्रयास:
राष्ट्रीय महासचिव राम मूर्ति ठाकुर (Ram Murti Thakur) ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के साथ समन्वय करते हुए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर फेडरेशन अपनी मांगों को आगे भी रखेगा और समाधान के लिए समन्वय के साथ काम किया जाएगा।
उन्होंने सम्मेलन के दौरान वर्ष 2027 का राष्ट्रीय अधिवेशन झारखंड में आयोजित करने की घोषणा भी की। इस घोषणा के साथ सम्मेलन में फेडरेशन की आगामी गतिविधियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे की दिशा पर भी जानकारी दी गई।
शिक्षकों के मुद्दों को लेकर आगे की तैयारी:
वार्षिक सम्मेलन में शिक्षकों की विभिन्न मांगों को एक साथ रखते हुए उनके समाधान के लिए प्रयास करने पर जोर दिया गया। डीटीटी की अनिवार्यता, पुरानी पेंशन, वेतनमान, प्रधानाध्यापक पद, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, स्वास्थ्य बीमा, बाल्य देखभाल अवकाश और विद्यालयों के विलय जैसे मुद्दे सम्मेलन में चर्चा के प्रमुख विषय रहे।
फेडरेशन की ओर से सरकार के साथ समन्वय के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की बात कही गई। साथ ही वर्ष 2027 में झारखंड में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किए जाने की घोषणा की गई।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Tag: #TeachersFederation #Lucknow #TeachersDemands