बेंगलुरु (Bengaluru) के फ्रीडम पार्क (Freedom Park) में गुरुवार को विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) की ओर से प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के साथ यूट्यूबर ध्रुव राठी (Dhruv Rathee) और अभिनेता प्रकाश राज (Prakash Raj) भी शामिल होंगे। ध्रुव राठी के बेंगलुरु पहुंचने की जानकारी उनके द्वारा सामाजिक माध्यम पर साझा किए गए वीडियो के जरिए सामने आई है। प्रदर्शन से पहले ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का दावा करने वाले लोगों से बातचीत की जाएगी।
प्रदर्शन से पहले पीपुल्स ट्रिब्यूनल:
फ्रीडम पार्क में होने वाले प्रदर्शन से पहले पीपुल्स ट्रिब्यूनल आयोजित किया जाएगा। इसमें उन लोगों से बातचीत की जाएगी, जिनका दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के दौरान उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। आयोजकों की ओर से इस कार्यक्रम के जरिए ऐसे लोगों की बात सामने रखने की तैयारी की गई है।
अभिजीत दीपके ने सरकार पर साधा निशाना:
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने सामाजिक माध्यम पर पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सत्ता और सड़कों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि सत्ता सरकार के पास हो सकती है, लेकिन सड़कें जनता की हैं और वहीं से लोकतंत्र वापस लेने की बात कही। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।
दीपके ने अपनी पोस्ट में यह भी दावा किया कि लोगों को जेल में डालकर विरोध की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जितने अधिक लोगों को हिरासत में लिया जाएगा, उतने ही अधिक लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे। ये बातें उनके द्वारा सामाजिक माध्यम पर किए गए दावों के रूप में सामने आई हैं।
10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी:
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किए जाने की घोषणा की गई है। अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर की रात सामाजिक माध्यम पर पोस्ट कर कहा था कि यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो देशभर से लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
उन्होंने यह भी कहा था कि यदि दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकती है तो जिस स्थान पर उन्हें रोका जाएगा, वहीं जंतर-मंतर बनाने की बात कही गई थी।
जुलाई के प्रदर्शन को लेकर पुलिस का दावा:
कॉकरोच जनता पार्टी ने जुलाई में शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह आंदोलन 6 जून से शुरू होकर 25 जुलाई तक चला था। इसी दिन तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की बात भी सामने आई थी।
पुलिस के मुताबिक, जुलाई में हुए प्रदर्शन में शामिल या उसके आसपास मौजूद 2,873 लोगों की पहचान ऐसे लोगों के रूप में हुई थी, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड बताया गया। पुलिस के अनुसार इनमें करीब 989 लोग गंभीर अपराधों से जुड़े रहे थे। पुलिस ने दावा किया कि इनमें 101 लोग हत्या के मामलों में आरोपी रहे हैं, जबकि 42 लोगों पर दो या उससे अधिक हत्या के मामले दर्ज होने की बात कही गई। इसके अलावा 12 लोगों पर 10 या उससे अधिक हत्या के मामले दर्ज होने का दावा भी किया गया।
एसआईआर को लेकर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का दावा:
द इंडियन एक्सप्रेस (The Indian Express) की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू (Sukhbir Singh Sandhu) और विवेक जोशी (Vivek Joshi) ने पिछले 10 महीनों में विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने कुछ फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिए जाने की बात कही थी। इन आपत्तियों की प्रतियां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थीं।
रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और दोबारा बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी आंकड़ों और उन्हें संभालने वाले सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए थे। एक मामले में नए मतदाता बनने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रपत्र-6 में विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ा सवाल जोड़े जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी। चुनावी सूची से जुड़े सॉफ्टवेयर और आंकड़ों तक पहुंच को लेकर भी चिंता जताए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई थी।
चुनाव आयोग ने फैसलों को सर्वसम्मति से बताया:
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने कहा था कि सदस्यों के बीच अलग-अलग राय और सुझाव किसी भी संस्थान की निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार पिछले एक वर्ष में विशेष गहन पुनरीक्षण समेत सभी बड़े फैसले और निर्देश पूरी चुनाव आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए।
रिपोर्ट के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा। विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसी मामले को लेकर अदालत में भी याचिकाएं दायर की गई हैं।
2 से 7 अक्टूबर तक हुए प्रदर्शन:
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में सात बड़े प्रदर्शन होने की बात दी गई जानकारी में कही गई है। बेंगलुरु का प्रस्तावित प्रदर्शन इसी क्रम में आयोजित किया जा रहा है।
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