मोदी को बधाई देने पर घिरे नथवानी, AIMIM ने अखिलेश से पूछे तीखे सवाल
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राज्यसभा उम्मीदवार धनराज नथवानी (Dhanraj Nathwani) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले को लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता शादाब चौहान (Shadab Chauhan) ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव से शादाब चौहान ने किया सवाल:
AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार के चयन और उनके द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दिए जाने को लेकर अखिलेश यादव से सवाल किया है। उन्होंने सामाजिक मंच पर पोस्ट करते हुए पूछा कि आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है। उन्होंने धनराज नथवानी के बधाई संदेश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा से जोड़ते हुए समाजवादी पार्टी की राजनीतिक भूमिका पर सवाल खड़े किए।
शादाब चौहान ने अपने पोस्ट में धनराज नथवानी को अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी का राज्यसभा प्रत्याशी बताते हुए उनकी राजनीतिक विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई बधाई पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी एक ओर विपक्ष की राजनीति करती है, जबकि दूसरी ओर उसके राज्यसभा उम्मीदवार प्रधानमंत्री को बधाई दे रहे हैं।
‘गुजरात और सैफई के गठबंधन’ का आरोप:
AIMIM नेता ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कथित राजनीतिक नजदीकी को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही इसे गुजरात और सैफई की ‘मैच फिक्सिंग’ बताया था और अब धनराज नथवानी के बधाई संदेश को उसी दावे से जोड़ते हुए निशाना साधा।
शादाब चौहान ने अखिलेश यादव समेत समाजवादी पार्टी के मुस्लिम सांसदों और विधायकों से भी सवाल किया। उन्होंने इकरा हसन, जियाउर रहमान, अफजाल अंसारी, कमाल अख्तर, शाहिद मंजूर, आशु मलिक और एसटी हसन से पूछा कि क्या वे अपने राज्यसभा उम्मीदवार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए गए महिमामंडन से सहमत हैं।
मुस्लिम वोट को लेकर भी उठाए सवाल:
AIMIM प्रवक्ता ने सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी के नेता उन नीतियों और कानूनों को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा से सहमत हैं, जिनका वे राजनीतिक रूप से विरोध करते रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से यह भी सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी बाहर से किसी अन्य दल के साथ गठबंधन करती है, जबकि अंदर से गुजरात और सैफई के बीच कोई राजनीतिक समझौता है।
शादाब चौहान ने अपने बयान में मुजफ्फरनगर का भी जिक्र किया और सवाल किया कि क्या गुजरात से प्रेरित होकर ही मुजफ्फरनगर कराया गया था। हालांकि, उनके इन सवालों को राजनीतिक आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के मुस्लिम मतदाताओं पर AIMIM का दावा:
उत्तर प्रदेश में गठबंधन की राजनीति को लेकर भी AIMIM प्रवक्ता ने अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी AIMIM के साथ समझौता इसलिए नहीं करना चाहती क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी को राजनीतिक फायदा पहुंचाना संभव नहीं होगा।
उन्होंने समाजवादी पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसका लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को हराना नहीं, बल्कि मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपना राजनीतिक आधार बनाए रखना है। शादाब चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश का मुस्लिम मतदाता इस कथित राजनीतिक ‘मैच फिक्सिंग’ को देख रहा है और इसका जवाब वर्ष 2027 में देगा।
AIMIM प्रवक्ता ने उन सांसदों और विधायकों पर भी निशाना साधा, जिन्हें उन्होंने इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिमामंडन को लेकर जनता की ओर से जवाब दिया जाएगा।
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