इंडिया मोबाइल कांग्रेस (India Mobile Congress) के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मोबाइल और डिजिटल तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं की पहुंच का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज बैंक, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों से जुड़ी सैकड़ों सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, अब तक करीब 50 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे जा चुके हैं। इस व्यवस्था के कारण बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर रोक लगी है तथा करीब 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं।
मोबाइल अब केवल बातचीत का साधन नहीं:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोबाइल फोन अब केवल बातचीत, गपशप या संदेश भेजने का माध्यम नहीं रह गया है। यह आम लोगों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने का बड़ा जरिया बन चुका है। मोबाइल के जरिए भाषा और दूरी से जुड़ी कई बाधाएं कम हुई हैं। लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत कम हुई है। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
मोबाइल बना सुशासन का बड़ा माध्यम:
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में दूरसंचार का अर्थ अब केवल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम या इंटरनेट की गति तक सीमित नहीं है। मोबाइल कनेक्टिविटी डिजिटल शासन की रीढ़ बन चुकी है। इसके माध्यम से सरकार की योजनाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण इसी व्यवस्था का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसके जरिए लाभार्थियों के खातों में सीधे राशि भेजी जा रही है।
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से बचत का जिक्र:
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए हुई बचत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों की अवैध कमाई बंद हुई है, वे उन्हें पसंद नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी विरोध या शोर किया जाए, सरकार ने जनता का हक सीधे जनता तक पहुंचाने का संकल्प लिया था और उसे पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने पुराने तरीके में होने वाली धनराशि की कथित लीकेज का भी जिक्र किया और कहा कि करीब 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए हैं।
देश में 5.5 लाख से ज्यादा 5जी बेस स्टेशन:
प्रधानमंत्री ने भारत में दूरसंचार क्षेत्र के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में इसी मंच से 5जी की शुरुआत हुई थी। अब देशभर में 5.5 लाख से ज्यादा 5जी बेस स्टेशन काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक को अपनाने के मामले में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 6जी पर भी विशेष ध्यान रहेगा। वर्ष 2017 में आयोजित पहला आयोजन केवल भारत पर केंद्रित था, जबकि अब इसमें 100 से अधिक देश शामिल हो चुके हैं।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आगे बढ़ने पर जोर:
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में आपूर्ति श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में काफी काम हुआ है, लेकिन आगे अभी कई नए पड़ाव पार करने हैं। इसके लिए प्रयासों का दायरा लगातार बढ़ाने की जरूरत है।
डिजाइन और तकनीक में आत्मनिर्भरता की बात:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने अपने अनुभवों से बहुत कुछ सीखा है और पिछले वर्षों में उपभोक्ता से निर्माता बनने की दिशा में यात्रा तय की है। अब डिजाइन और तकनीक के क्षेत्र में भी भारत की भूमिका बढ़ाने पर जोर है। उन्होंने कहा कि सुधारों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े वैश्विक संगठनों और संचालकों से ऐसा नेटवर्क तैयार करने की अपील की, जो गलत लोगों तक पहुंच को रोकने में सक्षम हो। उन्होंने मोबाइल फोन और नेटवर्क की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया।
साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए वैश्विक ढांचे की जरूरत:
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्य नागरिक तकनीकी प्रोटोकॉल की भाषा में नहीं सोचता। वह चाहता है कि फोन आने पर उसे पता हो कि कौन फोन कर रहा है, भुगतान करते समय उसे अपने पैसे की सुरक्षा का भरोसा हो और उसका आंकड़ा सुरक्षित रहे। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी को सीमाओं से परे की समस्या बताते हुए वैश्विक स्तर पर एक ढांचा तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि एक देश में बैठा व्यक्ति दूसरे देश की मदद से किसी तीसरे देश में अपराध कर सकता है। ऐसे मामलों से निपटने के लिए देशों के बीच समन्वय और वैश्विक व्यवस्था पर काम करना जरूरी है।
किसानों के खातों में पहुंची सम्मान निधि:
प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए किसानों तक पहुंच रही राशि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत अब तक 4 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए जा चुके हैं। यह राशि हर चार महीने में किसानों तक पहुंचती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के जरिए पैसा उन लोगों तक पहुंच रहा है, जहां पहले राशि पहुंचने में दिक्कत होती थी।
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