गाजीपुर: रेप पीड़िता के परिवार को समिति द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता, अपचारी की जमानत याचिका निरस्त
नंदगंज (Nandganj) क्षेत्र में छह वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म प्रकरण में पीड़ित परिवार को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराए जाने के बाद मामले में महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति सामने आई है। किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board), गाजीपुर (Ghazipur) ने अपचारी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। इस निर्णय के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग देने वाले लोगों और संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया है।

घटना 26 मार्च 2026 की बताई गई है। मामले में पीड़ित बच्ची के पिता ने समर्पण संस्था (Samarpan Sanstha) की चेयरमैन सविता सिंह से संपर्क कर सहायता की मांग की थी। इसके बाद सविता सिंह ने पीड़ित परिवार को निःशुल्क विधिक सहायता दिलाने के उद्देश्य से जिला अधिवक्ता कल्याण समिति (District Advocates Welfare Committee) से संपर्क किया और मामले की जानकारी साझा की।
पीड़ित परिवार को मिला कानूनी सहयोग:
समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार, चंद्रमोहन सिंह, अमित सिंह तथा सविता सिंह पीड़िता के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। जानकारी के अनुसार, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और न्यायिक लड़ाई लड़ने में उसे सहायता की आवश्यकता थी।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया को समझने और न्याय प्राप्त करने के लिए उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा।
जमानत याचिका का किया गया विरोध:
जब अपचारी की ओर से किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board), गाजीपुर (Ghazipur) में जमानत याचिका दाखिल किए जाने की जानकारी मिली, तब पीड़िता का पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार, चंद्रमोहन सिंह तथा धनंजय सिंह न्यायालय में उपस्थित हुए।
मामला एफआईआर संख्या 104/2026 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की धारा 5एम/6 के तहत कार्रवाई की गई है। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से जमानत याचिका का विरोध किया गया और न्यायालय के समक्ष विभिन्न तथ्य प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने सुनवाई के बाद दिया फैसला:
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 29 मई 2026 को किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board), गाजीपुर (Ghazipur) ने अपचारी की जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय के इस निर्णय को पीड़ित परिवार ने राहत देने वाला कदम बताया है।
मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, पीड़ित परिवार ने निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए समर्पण संस्था (Samarpan Sanstha) की चेयरमैन सविता सिंह तथा जिला अधिवक्ता कल्याण समिति (District Advocates Welfare Committee) के सदस्यों का आभार व्यक्त किया है।
निःशुल्क सहायता की सराहना:
परिवार का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में इस प्रकार की निःशुल्क विधिक सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने अधिवक्ता राकेश कुमार, चंद्रमोहन सिंह और धनंजय सिंह द्वारा की गई कानूनी पैरवी के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया।
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