गाजीपुर: सिंचाई संकट से परेशान किसान, नहर की सफाई को खुद उठाया बीड़ा
जमानियां (गाजीपुर) में धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय के बीच सिंचाई का संकट किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है। क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं और पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान नहरों के पानी पर निर्भर हैं। लेकिन समय से नहरों की सफाई नहीं होने के कारण पानी का प्रवाह प्रभावित है। ऐसे में धान की फसल को बचाने के लिए किसानों ने खुद नहर की सफाई का जिम्मा संभाल लिया है।
नहरों में गंदगी से बाधित हुआ पानी का प्रवाह:
जमानियां क्षेत्र में नहरें किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन हैं। किसानों का कहना है कि नहरों में लंबे समय से झाड़-झंखाड़, कूड़ा-कचरा और सिल्ट जमा होने के कारण पानी आसानी से आगे नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं धान की रोपाई का समय लगातार निकलता जा रहा है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों में सिंचाई की जरूरत और बढ़ गई है।
किसानों के मुताबिक नहर की सफाई और उसमें पानी छोड़े जाने को लेकर जमानियां विधायक समेत कई समाजसेवियों की ओर से संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की जाती रही है। इसके बावजूद समय रहते नहरों की सफाई नहीं हो सकी, जिससे किसानों के सामने फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है।
फसल बचाने के लिए किसानों ने खुद उठाया कदम:
धान की रोपाई का समय निकलता देख किसानों ने सरकारी व्यवस्था का इंतजार करने के बजाय स्वयं नहर की सफाई करने का निर्णय लिया। समाजसेवी इमरान खान की पहल पर किसान श्रमदान के लिए आगे आए और नहर से झाड़ियां, कूड़ा-कचरा तथा पानी के रास्ते में मौजूद अन्य अवरोध हटाने में जुट गए।
किसानों का कहना है कि नहर की सफाई होने के बाद यदि पानी छोड़ा जाता है तो खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचने में मदद मिलेगी। इसी उम्मीद के साथ किसान अपने स्तर से नहर को साफ करने में जुटे हैं, ताकि धान की रोपाई समय से पूरी की जा सके और फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
समय पर पानी नहीं मिला तो बढ़ेगा संकट:
किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि धान की रोपाई का समय लगातार कम होता जा रहा है। बारिश पर्याप्त नहीं होने और नहरों में पानी का प्रवाह बाधित रहने से खेती प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते नहर में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा तो बड़ी संख्या में किसान धान की रोपाई नहीं कर पाएंगे।
किसानों के अनुसार धान की खेती में उनकी मेहनत और लागत पहले ही लगी हुई है। ऐसे में सिंचाई के अभाव में फसल प्रभावित हुई तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए किसान नहरों की सफाई और पर्याप्त पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन और सिंचाई विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग:
किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से नहरों की प्रभावी ढंग से तत्काल सफाई कराने तथा उनमें पर्याप्त पानी छोड़े जाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि सूखे जैसे हालात में नहर का पानी ही खेती के लिए महत्वपूर्ण सहारा है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो धान की रोपाई प्रभावित हो सकती है।
किसानों ने यह भी कहा कि जब फसल बचाने के लिए उन्हें स्वयं नहर की सफाई के लिए आगे आना पड़ रहा है, तो इससे संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होते हैं। किसानों की मांग है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए नहर की सफाई और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल