काशी में 15 घंटे बारिश, अस्पताल-घरों में घुसा पानी:BHU में मरीज को कंधे पर लादकर पहुंचे लोग, सड़कें तालाब बनीं, कारें फंसीं
पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मंगलवार सुबह से लखनऊ (Lucknow), वाराणसी (Varanasi), अयोध्या (Ayodhya), झांसी (Jhansi), जौनपुर (Jaunpur) और प्रतापगढ़ (Pratapgarh) समेत 25 शहरों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में दिन के समय भी अंधेरा जैसा माहौल बना हुआ है।
काशी में 15 घंटे की बारिश से जलभराव:
वाराणसी (Varanasi) में करीब 15 घंटे तक हुई झमाझम बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जबकि कई गलियां तालाब जैसी नजर आने लगीं। जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर रही कि कई स्थानों पर पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया।
कई इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भरने के कारण वाहन भी फंस गए। बारिश का असर बीएचयू अस्पताल (BHU Hospital) तक पहुंचा, जहां घुटनों तक पानी भर गया। ऐसे हालात में मरीजों को उनके परिजन कंधे पर बैठाकर वार्ड तक ले जाते हुए दिखाई दिए।
जौनपुर में भी लगातार बारिश से सड़कें जलमग्न:
जौनपुर (Jaunpur) में भी करीब नौ घंटे से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। लंबे समय से जारी बारिश के कारण शहर की कई सड़कें पानी में डूब गई हैं। जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण कई अन्य क्षेत्रों में भी सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। लगातार हो रही वर्षा के बीच प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
बारिश के चलते स्कूलों में छुट्टी:
भारी बारिश को देखते हुए वाराणसी में सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं जौनपुर, गाजीपुर (Ghazipur), प्रतापगढ़, अमेठी (Amethi), चंदौली (Chandauli) और अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar) में कक्षा आठ तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
प्रदेश में मौसम की स्थिति को देखते हुए मंगलवार को सभी 75 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रयागराज (Prayagraj) समेत 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है।
नदियों में उफान, 19 जिले बाढ़ की चपेट में:
लगातार हो रही बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। कई नदियां उफान पर हैं और प्रदेश के 19 जिले बाढ़ की चपेट में बताए गए हैं। नदियों का पानी बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
लखीमपुर (Lakhimpur) में शारदा नदी पर बने तमोलिनपुरवा बांध का एक हिस्सा कट गया। बांध का हिस्सा कटने के बाद आसपास के दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
वहीं ललितपुर (Lalitpur) में खेड़ार नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। यहां पुल के ऊपर करीब तीन फीट पानी बहने की स्थिति बनी हुई है। सिरसी पुल भी पानी में डूब गया है। बदायूं (Badaun) में रामगंगा नदी का पानी सड़कों के ऊपर से बह रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में परेशानी बढ़ गई है।
सोमवार को 65 शहरों में हुई बारिश:
इससे पहले सोमवार को भी प्रदेश के 65 शहरों में बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। अयोध्या के बीकापुर में तेज आंधी और बारिश के कारण एक झोपड़ी ढह गई। हादसे के समय छप्पर के नीचे बैठे एक बच्चे और एक युवती की दबने से मौत हो गई।
गाजीपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से एक युवक की जान चली गई। वहीं मुगलसराय में कच्ची दीवार गिरने से एक मासूम की मौत हो गई।
इस तरह पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगातार जारी बारिश से जलभराव, बाढ़ और हादसों की स्थिति बनी हुई है। मंगलवार को भी कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Lucknow #Varanasi #Ayodhya #Jaunpur #Pratapgarh #Lakhimpur #MonsoonRain #FloodAlert