बदायूं: प्रेम विवाह के बाद गर्भपात कराने का आरोप, न्याय की गुहार लेकर लखनऊ पहुंची युवती
लखनऊ (Lucknow)। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बदायूं (Budaun) जिले की रहने वाली सुनीता यादव ने एक युवक और उसके पिता पर धोखे से गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि युवक ने मंदिर में उससे विवाह किया और गर्भवती होने के बाद उसे धोखे से गर्भपात की दवा पिला दी, जिससे उसका गर्भपात हो गया। स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से आहत पीड़िता न्याय की गुहार लेकर राजधानी लखनऊ पहुंची है। यहां समाजसेवी गौरव गोस्वामी ने पीड़िता का समर्थन करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर में विवाह के बाद धोखे से दवा देने का आरोप:
पीड़िता सुनीता यादव के मुताबिक, अतुल यादव नामक युवक ने पहले उसे प्रेम संबंध में जोड़ा और बाद में मंदिर में उसके साथ विवाह किया। पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती हुई तो अतुल यादव और उसके पिता रविन्द्र यादव का व्यवहार बदल गया। उसने आरोप लगाया कि दोनों ने साजिश के तहत पानी में गर्भपात की दवा मिलाकर उसे पिला दी। इसके बाद उसका गर्भपात हो गया।
पीड़िता ने इस घटना को अपने साथ हुआ गंभीर अन्याय बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी।
मूसाझाग थाने में शिकायत, एक आरोपी गिरफ्तार:
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद उसने बदायूं जिले के मूसाझाग थाने में अतुल यादव और उसके पिता रविन्द्र यादव के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। उसका कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अतुल यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन रविन्द्र यादव के खिलाफ अभी तक वैसी कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी वह मांग कर रही है।
सुनीता यादव का आरोप है कि घटना में रविन्द्र यादव की भी भूमिका रही है। इसी आधार पर वह उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रही हैं। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में सभी आरोपितों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
आरोपी के पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग:
न्याय की मांग लेकर लखनऊ पहुंची पीड़िता ने रविन्द्र यादव के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। उसका कहना है कि मामले में केवल एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होने से उसे पूरा न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। वह चाहती है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच हो और यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कदम उठाए जाएं।
पीड़िता ने स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई को लेकर असंतोष जताते हुए अपनी बात राजधानी तक पहुंचाने का निर्णय लिया। अब वह मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय मिलने की उम्मीद कर रही है।
गौरव गोस्वामी ने दिया समर्थन, निष्पक्ष जांच की मांग:
पीड़िता की बात सामने आने के बाद समाजसेवी गौरव गोस्वामी ने उसका समर्थन किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और रविन्द्र यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। गौरव गोस्वामी का कहना है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिलता है तो वह इस मामले को उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाएंगे। उनका कहना है कि मामले में सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच और न्याय की आस में पीड़िता:
सुनीता यादव अब मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके साथ धोखे से गर्भपात कराने की घटना हुई और इसमें शामिल बताए जा रहे सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, समाजसेवी गौरव गोस्वामी ने भी उनकी मांग का समर्थन करते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना आवश्यक है। आरोपी पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं होने के कारण उसका पक्ष शामिल नहीं किया जा सका है। दोष सिद्ध होने तक किसी भी आरोपी को अपराधी नहीं माना जा सकता।
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