चाचा के सामने मासूम बच्चे को खींच ले गया मगरमच्छ, छटपटाया तो पानी में पटककर खा गया
Bahraich (बहराइच) जिले में घाघरा नदी किनारे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 12 वर्षीय सुनील की मगरमच्छ के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बच्चे के चाचा ने घटना का आंखोंदेखा हाल बताते हुए कहा कि उन्होंने भतीजे को बचाने के लिए नदी में छलांग लगाई और कई मिनट तक संघर्ष किया, लेकिन मगरमच्छ बच्चे को पानी के भीतर खींच ले गया। बाद में कई घंटों की तलाश के बाद उसका शव नदी में मिला। घटना के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया और शाम को गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
चाचा ने सुनाई दर्दनाक आपबीती:
मृतक के चाचा Vijay Raj Singh (विजय राज सिंह) ने बताया कि अचानक मगरमच्छ नदी से निकला और उनके भतीजे सुनील को अपने जबड़ों में दबोच लिया। बच्चे की चीख सुनते ही उन्होंने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। उन्होंने करीब सात से आठ मिनट तक बच्चे को मगरमच्छ से छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उनके अनुसार मगरमच्छ बच्चे को पानी के भीतर ले गया और कई बार उसे उछालकर पटकने के बाद गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने काफी खोजबीन की, लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका। लगभग तीन घंटे बाद नदी में उसका शव उतराता हुआ मिला।
खेत से लौटते समय हुआ हमला:
मृतक के दूसरे चाचा Uday Raj Singh (उदय राज सिंह) ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब दो बजे सुनील अपने चाचा Vijay Raj Singh (विजय राज सिंह) के साथ धान की रोपाई के लिए खेत गया था। वह स्वयं पहले से खेत में मौजूद थे। कई घंटे तक खेत में काम करने के बाद शाम के समय सभी लोग लौट रहे थे। इसी दौरान घाघरा नदी पर हाथ-पैर धोते समय अचानक मगरमच्छ ने सुनील पर हमला कर दिया।
उन्होंने बताया कि विजय राज सिंह ने बच्चे को बचाने के लिए तुरंत नदी में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर फेंककर मगरमच्छ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन वह बच्चे को लेकर पानी के भीतर चला गया। उन्होंने कहा कि पूरी घटना उनकी आंखों के सामने हुई, लेकिन वे असहाय होकर देखते रह गए।
ग्रामीणों ने चलाया राहत अभियान:
गांव के निवासी Arvind Srivastava (अरविंद श्रीवास्तव) ने बताया कि मगरमच्छ कुछ देर बाद बच्चे को जबड़ों में दबाकर दोबारा पानी के ऊपर आया और फिर उसे कई बार पटकने के बाद वापस पानी के भीतर चला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने बड़े-बड़े बांस के डंडों की मदद से नदी में तलाश शुरू की।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस, वन विभाग और NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम भी मौके पर पहुंच गई। लगभग तीन घंटे तक चले खोज अभियान के बाद घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर नदी में बच्चे का शव उतराता हुआ मिला। गांव के Inspector Singh (इंस्पेक्टर सिंह) जाल लेकर मौके पर पहुंचे, जिसके बाद ग्रामीणों ने शव को बाहर निकाला और पुलिस को सौंप दिया। मगरमच्छ के हमले के कारण शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
परिवार पर पहले भी टूट चुका था दुख:
सुनील Tikuri Village (टिकुरी गांव) का रहने वाला था। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। जानकारी के अनुसार, उसके पिता Budhraj (बुधराज) की पांच वर्ष पहले और मां की सात वर्ष पहले बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। माता-पिता के निधन के बाद सुनील अपने चाचा Vijay Raj Singh (विजय राज सिंह) के साथ रह रहा था।
परिवार में चार भाई-बहनों में सुनील दूसरे स्थान पर था। उससे बड़ी बहन सुमन, छोटा भाई संजय और सबसे छोटी बहन सीमा है। तीनों भाई-बहन गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि सुनील पढ़ाई छोड़ चुका था।
गांव में पसरा मातम:
पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार शाम सुनील का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में शोक का माहौल बना रहा। घर में वह चादर रखी थी, जिसमें नदी से शव को लाया गया था। परिजन उसी चादर के पास बैठकर रोते रहे। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों का दुख देखकर पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
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