अलीगढ़ की ऐतिहासिक प्रदर्शनी में बारबालाओं के जमकर लगे अश्लील ठुमके
रिपोर्टर: जेड ए खान
अलीगढ़ में आयोजित ऐतिहासिक प्रदर्शनी इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में है। शहर के थाना बन्नादेवी क्षेत्र स्थित नुमाइश मैदान में चल रही इस प्रदर्शनी में मंच पर बारबालाओं के अश्लील ठुमकों ने माहौल को शर्मसार कर दिया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारिवारिक मनोरंजन के नाम पर लगने वाली इस प्रदर्शनी में खुलेआम अश्लील नृत्य होते देखे जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रदर्शनी में जुट रही भीड़ के बीच इस तरह के कार्यक्रमों ने सामाजिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंच पर अश्लील ठुमकों की भरमार:
प्रदर्शनी के दौरान रात के समय मंच पर बारबालाओं द्वारा किए जा रहे नृत्य को लेकर लगातार आपत्तियां सामने आ रही हैं। दर्शकों के बीच इन ठुमकों पर तालियों और शोर के साथ माहौल बनाया जा रहा है। कई लोग इसे मनोरंजन बता रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद परिवारों और बच्चों के लिए यह दृश्य असहज करने वाला बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक प्रदर्शनी का उद्देश्य सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रमों के जरिए मनोरंजन करना होता है, न कि इस तरह की अश्लीलता परोसना।
नोटों की बारिश और आतिशबाजी:
वायरल हो रहे वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अश्लील ठुमकों के दौरान मंच के सामने से नोटों की बारिश की जा रही है। इसके साथ ही आतिशबाजी भी की जा रही है, जो दर्शकों के लिए रोमांच के साथ-साथ खतरे का कारण बन सकती है। खुले मैदान में भीड़ के बीच इस तरह की आतिशबाजी से किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या आयोजकों को सुरक्षा और नियमों की कोई चिंता नहीं है।
खतरनाक खेल से हादसे की आशंका:
नुमाइश मैदान में सीमित जगह और भारी भीड़ के बीच आतिशबाजी का इस्तेमाल गंभीर खतरे को न्योता दे सकता है। चिंगारी या पटाखों से आग लगने की स्थिति में भगदड़ मच सकती है, जिससे कई लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। इसके बावजूद प्रदर्शनी ठेकेदार द्वारा इस पर कोई ठोस कदम उठाते नहीं देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि चंद पैसों के लालच में सुरक्षा और शालीनता दोनों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रदर्शनी ठेकेदार पर उठे सवाल:
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि प्रदर्शनी ठेकेदार द्वारा जानबूझकर इस तरह के कार्यक्रम कराए जा रहे हैं ताकि ज्यादा भीड़ जुटाई जा सके। आरोप है कि आर्थिक लाभ के लिए अश्लीलता को परोसा जा रहा है और किसी भी तरह की नैतिक या सामाजिक जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करे और प्रदर्शनी में होने वाले कार्यक्रमों पर सख्त निगरानी रखे।
प्रशासन की भूमिका पर चर्चा:
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका क्या है। थाना बन्नादेवी क्षेत्र में हो रही इस गतिविधि के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में यह स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि प्रदर्शनी के नाम पर हो रही अश्लीलता और खतरनाक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
समाज पर पड़ता असर:
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान रखने वाली प्रदर्शनी में इस तरह के दृश्य समाज पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं। खासकर युवा और बच्चे जब ऐसे कार्यक्रम देखते हैं, तो सामाजिक मूल्यों पर नकारात्मक असर पड़ता है। लोगों का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर मर्यादाएं टूटना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। प्रदर्शनी आयोजकों को यह समझना होगा कि सार्वजनिक स्थानों पर उनकी जिम्मेदारी सिर्फ मुनाफा कमाने तक सीमित नहीं है।
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