UP Weather Update: लखनऊ समेत यूपी के 57 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD की नई चेतावनी
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सोमवार सुबह से प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। प्रयागराज (Prayagraj) में सुबह करीब 11 बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिससे कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। इससे पहले वाराणसी (Varanasi), भदोही (Bhadohi) और मिर्जापुर (Mirzapur) में भी तेज हवा के साथ बारिश दर्ज की गई। वहीं, लखनऊ (Lucknow) और कानपुर (Kanpur) समेत कई शहरों में तेज धूप के बीच बीच-बीच में बादल छाए रहे।
कई जिलों में बारिश, कहीं धूप तो कहीं जलभराव:
वाराणसी (Varanasi) में बारिश के चलते कई गलियों में पानी भर गया। तेज हवाओं की वजह से गंगा नदी के किनारे लगी जेटी भी बह गई। दूसरी ओर लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) के एक प्राथमिक विद्यालय में गर्मी और उमस के कारण दो छात्र बेहोश हो गए। रविवार देर रात बरेली (Bareilly) में हुई बारिश से कई सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे जलभराव के बीच कई ई-रिक्शा पलट गए। हापुड़ (Hapur) में भी बारिश के बाद हाईवे पर पानी भर गया।
57 शहरों में आंधी और बारिश का अलर्ट:
मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए प्रदेश के 57 शहरों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि मंगलवार से मानसूनी गतिविधियां और तेज होंगी, जिससे पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों के दौरान गाजियाबाद (Ghaziabad), बलिया (Ballia) समेत 18 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। लखनऊ (Lucknow) और बाराबंकी (Barabanki) में करीब 45 मिनट तक आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल भी गिर गए।
मौसमी सिस्टम से बदलेगा मौसम:
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना मौसमी सिस्टम सोमवार शाम तक उत्तरी ओडिशा (Odisha) तट को पार कर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की ओर बढ़ेगा। विभाग का कहना है कि यह सिस्टम मौजूदा पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कई हिस्सों में अचानक तेज बारिश करा सकता है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
वाराणसी और कानपुर का मौसम अलग-अलग:
वाराणसी (Varanasi) में सोमवार सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी है। बीच-बीच में तेज बारिश हो रही है और तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिन तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। वहीं कानपुर (Kanpur) में सुबह से आसमान साफ रहा और तेज धूप निकलने से गर्मी एवं उमस महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शाम तक बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। दोपहर में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान:
7 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western Uttar Pradesh) के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern Uttar Pradesh) में बूंदाबांदी की संभावना है। 8 जुलाई को पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। 9 जुलाई को पूरे प्रदेश में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। 10 जुलाई को भी कई स्थानों पर गरज-चमक और भारी बारिश हो सकती है। वहीं 11 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
अयोध्या और गोरखपुर का मौसम भी बदला:
अयोध्या (Ayodhya) में आसमान में हल्के बादल छाए रहे और उमस बनी रही। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आचार्य नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Acharya Narendra Deva University of Agriculture and Technology) के मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में मध्यम बादल छाने और कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं गोरखपुर (Gorakhpur) में सोमवार सुबह से बादल छाए रहे। यहां तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और दिनभर बादल बने रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की गई।
मानसून क्यों पड़ा था कमजोर:
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आने वाली हवाएं और वर्षा कराने वाले मौसमी सिस्टम कुछ समय के लिए कमजोर पड़ गए थे। इसी कारण प्रदेश में मानसून की सक्रियता कम हो गई थी। विभाग का कहना है कि यह स्थिति अस्थायी है और 7 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होगा। 8 से 10 जुलाई के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है।
पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में पहुंचा मानसून:
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे पहले केरल (Kerala) तट से भारत में प्रवेश करता है। इसके बाद इसकी एक शाखा अरब सागर के रास्ते केरल, कर्नाटक (Karnataka), महाराष्ट्र (Maharashtra), गुजरात (Gujarat) और राजस्थान (Rajasthan) की ओर बढ़ती है, जबकि दूसरी शाखा बंगाल की खाड़ी के रास्ते पश्चिम बंगाल (West Bengal), बिहार (Bihar) और पूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern Uttar Pradesh) से होकर आगे बढ़ती है। इसी मार्ग से मानसून ने पूर्वांचल के रास्ते प्रदेश में प्रवेश किया है।
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