लखनऊ कैंट में 1952 से चली आ रही दुर्गा पूजा की परंपरा, इस बार ‘Gen Z’ थीम बनेगी आकर्षण का केंद्र
लखनऊ (Lucknow) के सदर बाजार स्थित दुर्गाबाड़ी, 25 उस्मान रोड पर इस वर्ष भी पारंपरिक दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कैंटोनमेंट पूजा एवं सेवा समिति (Cantonment Puja Evam Seva Samiti) की ओर से आयोजित यह उत्सव वर्ष 1952 से लगातार चली आ रही धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इस बार आयोजन में आधुनिक युवा पीढ़ी को जोड़ने के उद्देश्य से ‘जेन जी’ (Gen Z) थीम को विशेष रूप से शामिल किया गया है। पूजा परिसर में आकर्षक सेल्फी स्थल बनाए जा रहे हैं, जहां श्रद्धालु उत्सव की यादों को तस्वीरों के रूप में संजो सकेंगे। 16 से 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और भोग-प्रसाद वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 1952 से निभाई जा रही दुर्गा पूजा की परंपरा:
कैंटोनमेंट पूजा एवं सेवा समिति की ओर से छावनी क्षेत्र में वर्ष 1952 से लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा क्षेत्र के लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस महोत्सव में छावनी क्षेत्र के सैनिकों, नागरिकों और आसपास के इलाकों के लोगों की भागीदारी रहती है।
समिति के मीडिया सचिव निहार रंजन डे ने बताया कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव का भी प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लोग एक साथ जुटते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं। 16 अक्टूबर को प्रतिमा स्थापना के साथ हुआ शुभारंभ:
इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव की शुरुआत 16 अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना के साथ हुई। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सप्तमी, अष्टमी, संधि पूजा और नवमी के धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए भोग-प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई है।
17 और 18 अक्टूबर को सप्तमी पूजा एवं भोग-प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रखा गया है। वहीं, 19 अक्टूबर को अष्टमी पूजा और संधि पूजा होगी। इसके बाद 20 अक्टूबर को नवमी की पूजा संपन्न की जाएगी। इन धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु शामिल होकर मां दुर्गा की आराधना करेंगे। ‘जेन जी’ थीम से युवाओं को जोड़ने की पहल:
इस बार दुर्गा पूजा महोत्सव में ‘जेन जी’ (Gen Z) थीम को विशेष महत्व दिया गया है। आयोजकों का उद्देश्य आधुनिक युवा पीढ़ी को धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। इसके लिए पूजा परिसर में अलग-अलग आकर्षक सेल्फी स्थल तैयार किए जा रहे हैं।
इन स्थलों पर युवा और अन्य श्रद्धालु तस्वीरें लेकर उत्सव की यादों को सहेज सकेंगे। समिति का मानना है कि परंपराओं को बनाए रखने के साथ आयोजन को नई पीढ़ी के लिए आकर्षक बनाना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत इस बार धार्मिक उत्सव में आधुनिक थीम को शामिल किया गया है, ताकि युवाओं की भागीदारी बढ़ाई जा सके। 21 अक्टूबर को सिंदूर खेला के साथ होगा समापन:
दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन 21 अक्टूबर को सिंदूर खेला और मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के साथ होगा। इस दौरान श्रद्धालु पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां दुर्गा को विदाई देंगे और अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना करेंगे।
महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित होने वाले कार्यक्रम के साथ छह दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा। पूजा के दौरान भोग-प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक गतिविधियां श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ संपन्न होंगी। परंपरा और आधुनिकता का संगम बनेगा आयोजन:
कैंटोनमेंट पूजा एवं सेवा समिति का उद्देश्य वर्षों पुरानी दुर्गा पूजा की परंपरा को कायम रखते हुए बदलते समय के अनुरूप नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। ‘जेन जी’ थीम इसी प्रयास का हिस्सा है। धार्मिक अनुष्ठानों और आधुनिक आकर्षणों के संयोजन के माध्यम से आयोजन को सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए सहभागितापूर्ण बनाने की पहल की गई है।
समिति ने श्रद्धालुओं से दुर्गा पूजा महोत्सव में शामिल होने, मां दुर्गा की आराधना करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
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रिपोर्टर: संतोष कुमार