यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी, युवाओं को पंजीकरण का मौका
उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर होने वाली इस प्रक्रिया के तहत 12 नवंबर 2026 को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद नागरिकों को 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को होगा। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की जानकारी दी और उनसे सहयोग एवं सुझाव मांगे।
पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने पर जोर:
लखनऊ में 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना और सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाना है। इसके लिए निर्धारित समयसीमा के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी, ताकि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिल सके।
12 नवंबर को प्रकाशित होगी मसौदा सूची:
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदेय स्थलों के संभाजन और पुनर्व्यवस्थापन की प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर को एकीकृत मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इस सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में सुधार से संबंधित दावे और आपत्तियां 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी। प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। सभी निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए अलग-अलग फॉर्म:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 का उपयोग किया जा सकता है। प्रवासी भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6ए निर्धारित है। मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने अथवा किसी नाम को हटाने के लिए फॉर्म-7 भरा जा सकता है। वहीं, निवास परिवर्तन, दर्ज विवरण में संशोधन, मतदाता पहचान पत्र (EPIC) के प्रतिस्थापन और दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नांकन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाएगा।
पात्र नागरिक इन फॉर्मों को ऑफलाइन भरकर बूथ लेवल अधिकारियों को दे सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन आवेदन के लिए मतदाता सेवा पोर्टल https://voters.eci.gov.in और ईसीआईनेट (ECINET) ऐप का भी उपयोग किया जा सकता है।
युवा मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष ध्यान:
पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत उन पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा, जिनकी आयु 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही वे युवा भी आवेदन कर सकेंगे, जो 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे।
इसके अतिरिक्त, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को निर्धारित अर्हता तिथियों के आधार पर पात्र होने वाले भावी मतदाताओं से भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। इन आवेदनों का निस्तारण संबंधित अर्हता तिथि वाली तिमाही में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
मतदेय स्थलों पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं रखने का लक्ष्य:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदेय स्थलों के संभाजन और पुनर्व्यवस्थापन के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि सामान्यतः किसी भी मतदेय स्थल पर 1,200 से अधिक मतदाता न हों। नए मतदेय स्थलों के निर्धारण और मौजूदा स्थलों के पुनर्व्यवस्थापन में भौतिक सत्यापन तथा मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके साथ ही परिवार के सदस्यों के नाम एक ही अनुभाग में रखने, मतदेय स्थल तक पहुंचने में होने वाली असुविधा कम करने, सीमाओं की स्पष्टता और भवनों की उपयुक्तता पर भी ध्यान दिया जाएगा।
राजनीतिक दलों से बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने की अपील:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरी कराई जाए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पुनरीक्षण से जुड़े नियमों और दिशा-निर्देशों की जानकारी देने के लिए जिला स्तर पर बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
ये बैठकें मतदेय स्थलों के संभाजन, मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि शुरू होने तथा अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के दौरान आयोजित की जाएंगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रत्येक मतदेय स्थल के लिए अपने बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति सुनिश्चित करें। बूथ लेवल अधिकारी संबंधित एजेंटों के साथ पुनरीक्षण से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे।
दावों और आपत्तियों से जुड़े फॉर्मों की होगी निगरानी:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि में प्राप्त सभी फॉर्मों की सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी प्रकाशित की जाएगी। निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 बूथ लेवल अधिकारी को दे सकेंगे।
यदि कोई बूथ लेवल एजेंट पूरी दावा और आपत्ति अवधि के दौरान 30 से अधिक फॉर्म जमा करता है, तो उनका पुनः सत्यापन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा, 9 अक्टूबर 2026 के निर्वाचन आयोग के निर्देश के क्रम में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत फॉर्म-7 में मिथ्या घोषणा करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी जिला निर्वाचन अधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को दिए गए हैं।
बैठक में समाजवादी पार्टी, अपना दल (एस), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम), बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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