स्मार्ट प्रीपेड मीटर मामले में आज सुनवाई, शीर्ष बिजली अधिकारी होंगे तलब
उत्तर प्रदेश में नए बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने और इसके नाम पर उपभोक्ताओं से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की वसूली के मामले में आज महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। मामला उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के सामने है। उपभोक्ताओं पर पड़े अतिरिक्त वित्तीय भार और बिजली कनेक्शन से जुड़ी प्रक्रिया में नियमों के पालन को लेकर आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर सामने आए इस मामले में मुख्य सवाल उपभोक्ताओं से की गई कथित वसूली और नए कनेक्शन के साथ मीटर लगाए जाने की व्यवस्था से जुड़े हैं। इसी को लेकर आयोग ने बिजली विभाग के शीर्ष अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों की पेशी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रदेश की सभी पांच विद्युत वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे। उनके अलावा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रबंध निदेशक को भी आयोग के सामने उपस्थित होना है।
सभी डिस्कॉम के निदेशक वाणिज्यिक भी सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे। अधिकारियों से स्मार्ट मीटर की व्यवस्था, मीटर लगाने और उपभोक्ताओं से की गई वसूली से संबंधित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय भार का मामला:
इस मामले में उपभोक्ताओं से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर की गई कथित वसूली प्रमुख मुद्दा है। नए बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं पर इसके कारण पड़े वित्तीय भार को लेकर भी आयोग ने रुख अपनाया है।
आयोग के समक्ष यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की प्रक्रिया और उससे संबंधित वसूली का सीधा असर बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ता है। ऐसे में आयोग अधिकारियों से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने को कह रहा है।
मीटरिंग और वसूली से जुड़े बिंदुओं पर देना होगा जवाब:
सुनवाई के दौरान बिजली कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मीटरिंग व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर जवाब मांगा जाएगा। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से की गई वसूली को लेकर भी अधिकारियों को अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और वितरण कंपनियों के अधिकारियों की व्यक्तिगत मौजूदगी से सुनवाई की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आयोग की ओर से अधिकारियों को सीधे उपस्थित होकर मामले से जुड़े तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
नए कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का मुद्दा:
मामला विशेष रूप से नए बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने से जुड़ा है। इस प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ताओं से ली गई राशि को लेकर सवाल उठे हैं। इसके साथ ही नियमों के पालन और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को भी सुनवाई के केंद्र में रखा गया है।
आयोग के समक्ष अब बिजली वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को मीटरिंग तथा वसूली से जुड़े बिंदुओं पर अपना पक्ष रखना होगा। सुनवाई के दौरान अधिकारियों के स्पष्टीकरण के बाद मामले से जुड़े पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
आज की सुनवाई पर टिकी नजरें:
स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जुड़े इस मामले में आज होने वाली सुनवाई इसलिए अहम है क्योंकि इसमें प्रदेश की सभी पांचों विद्युत वितरण कंपनियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और डिस्कॉम के निदेशक वाणिज्यिक की मौजूदगी भी तय है।
फिलहाल आयोग के समक्ष अधिकारियों की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और उपभोक्ताओं से जुड़ी कथित वसूली तथा नए कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की व्यवस्था को लेकर क्या स्थिति सामने आती है, इस पर सबकी नजर है।
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