गाजीपुर में स्लीपर बसों पर शिकंजा, संयुक्त अभियान में 175 वाहनों का चालान
गाजीपुर (Ghazipur) में दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Purvanchal Expressway) के गाजीपुर एग्जिट पॉइंट पर लंबी दूरी की स्लीपर बसों की जांच की गई। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 175 वाहनों का चालान किया गया और करीब 3 लाख 50 हजार रुपये का शमन शुल्क लगाया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना था।

12 घंटे तक चला संयुक्त चेकिंग अभियान:
यह अभियान 31 अक्टूबर 2026 की शाम सात बजे से 1 नवंबर की सुबह सात बजे तक संचालित किया गया। उत्तर प्रदेश यातायात निदेशालय और परिवहन आयुक्त के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक गाजीपुर विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अभियान के तहत विशेष रूप से लंबी दूरी की स्लीपर बसों को जांच के दायरे में रखा गया, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई:
अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक नगर राकेश कुमार मिश्र, क्षेत्राधिकारी यातायात, यातायात प्रभारी निरीक्षक बालेंद्र कुमार, एआरटीओ सौम्या कुलश्रेष्ठ और एआरटीओ सत्येंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में संबंधित टीमों ने भाग लिया। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की।
ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की हुई जांच:
चेकिंग के दौरान बस चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई। इसका उद्देश्य यह पता लगाना था कि कहीं कोई चालक नशे की हालत में तो वाहन नहीं चला रहा है। इसके साथ ही बसों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मानकों की भी पड़ताल की गई।
अधिकारियों ने बसों में निर्धारित मानकों के अनुसार सीट और स्लीपर की व्यवस्था, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, बस की ऊंचाई और यात्रियों के साथ सामान ले जाने की निर्धारित क्षमता की जांच की। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।
175 वाहनों का चालान, 3.50 लाख रुपये का शमन शुल्क:
संयुक्त अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 175 वाहनों का चालान किया गया। इन वाहनों पर करीब 3 लाख 50 हजार रुपये का शमन शुल्क लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की जांच की गई और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
महिला यात्रियों से बातचीत कर जाना कुशलक्षेम:
अभियान के दौरान ‘मीट एंड ग्रीट’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसके तहत स्लीपर बसों में सफर कर रही महिला यात्रियों से बातचीत की गई और उनका कुशलक्षेम जाना गया। इस पहल का उद्देश्य यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें होने वाली किसी भी तरह की परेशानी के बारे में जानकारी प्राप्त करना था।
आधुनिक उपकरणों से लैस रहीं पुलिस टीमें:
चेकिंग अभियान को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस टीमों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। कार्रवाई में रिफ्लेक्टिव जैकेट, बॉडी-वॉर्न कैमरे और ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया। इन उपकरणों की मदद से जांच प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
प्रशासन का उद्देश्य दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना है। संयुक्त अभियान के जरिए बसों की जांच और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई कर सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी