गाजीपुर में पेंशनरों का धरना, मेडिकल बिल भुगतान में ऑफलाइन सुविधा बहाल करने की मांग
गाजीपुर (Ghazipur) में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि आधारित व्यवसायों से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि उद्यमी सखियों के लिए एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। एईजी फाउंडेशन (AEG Foundation) के अंतर्गत कोर्टिवा एग्री साइंस परियोजना (Corteva Agriscience Project) के तहत हुए इस कार्यक्रम में महिलाओं को कृषि और पशुपालन से जुड़े विभिन्न व्यवसायों की व्यावहारिक जानकारी दी गई। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने अलग-अलग गतिविधियों को नजदीक से समझा और स्वरोजगार के नए अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
45 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने लिया हिस्सा:
इस कार्यक्रम में उन कृषि उद्यमी सखियों ने भाग लिया, जिन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 45 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा किया था। इस प्रशिक्षण के लिए 1500 रुपये शुल्क निर्धारित था। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना ही नहीं, बल्कि कृषि और पशुपालन से जुड़े व्यवसायों की वास्तविक कार्यप्रणाली से भी परिचित कराना था। इसके माध्यम से उन्हें भविष्य में अपना रोजगार शुरू करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए साधन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कई गांवों की कृषि उद्यमी सखियां हुईं शामिल:
एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम में अख्तियारपुर, बघुई खुर्द, बघुई बुजुर्ग, गोबिंदपुर मठिया, चौरबोझ, कोदई, जमानिया, मथारे, रेवतीपुर और बाघोल सहित अन्य गांवों की कृषि उद्यमी सखियों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग गांवों से पहुंचीं महिलाओं को कृषि आधारित व्यवसायों की जानकारी साझा करने और उन्हें समझने का अवसर मिला।
मछली पालन से लेकर वर्मी कम्पोस्ट तक की मिली जानकारी:
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को गाजीपुर जनपद के बनकटा, हरदासपुर कला सहित अन्य गांवों में ले जाया गया। यहां उन्हें मछली पालन, नर्सरी संचालन, मुर्गी पालन, सूअर पालन, दुग्ध संग्रह केंद्र, वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण और पशु आहार से जुड़े कार्यों की जानकारी दी गई।
महिलाओं को इन व्यवसायों के संचालन की प्रक्रिया और उनसे जुड़ी गतिविधियों को समझाया गया। इसका उद्देश्य उन्हें कृषि एवं पशुपालन आधारित रोजगार के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था, ताकि वे इन कार्यों से प्रेरणा लेकर अपने गांवों में भी स्वरोजगार की संभावनाएं तलाश सकें।
प्रशिक्षण के बाद 25 सदस्यों को मिला प्रमाणपत्र:
कार्यक्रम में सुसुंडी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPO), सुसुंडी के निदेशक संजय का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 25 सदस्य ऑनलाइन माध्यम से कृषि उद्यमी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं और उन्हें इसका प्रमाणपत्र भी प्राप्त हो चुका है। प्रशिक्षण और भ्रमण के माध्यम से महिलाओं को कृषि आधारित गतिविधियों को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
आगे भी जारी रहेंगे प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम:
आयोजकों का कहना है कि ग्रामीण महिलाओं को कृषि और पशुपालन से जुड़े व्यवसायों की जानकारी देने के लिए भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर विकसित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकेगी।
इस एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम को सफल बनाने में एईजी फाउंडेशन (AEG Foundation) के कृषि उद्यम सहयोगकर्ता सतपाल, प्रकाश सिंह और हिमांशु भारद्वाज ने सराहनीय योगदान दिया। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
#Tags: #Ghazipur #WomenEntrepreneurs #Agriculture #SelfEmployment #AEGFoundation
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी