लखनऊ में महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों का प्रदर्शन, स्थायीकरण की मांग उठाई
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर इको गार्डन में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश महिला स्वास्थ्य कार्यकत्री संविदा संघ (ए.एन.एम.) के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में कार्यकत्रियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग उठाई। धरने की अध्यक्षता संघ की प्रदेश अध्यक्ष पूनम देवी ने की। संघ का कहना है कि गृह जनपद में तैनाती से जुड़ी मांग पर विशेष व्यवस्था किए जाने के बाद भी उनकी दो प्रमुख मांगें अब तक लंबित हैं।
इको गार्डन में जुटीं संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियां:
लखनऊ के इको गार्डन में आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों ने अपनी सेवा संबंधी समस्याओं को उठाया। संघ के मुताबिक, कार्यकत्रियां लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में संविदा के आधार पर सेवाएं दे रही हैं। इसके बावजूद उन्हें वेतन और सेवा सुरक्षा के मामले में नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्रदर्शन के माध्यम से प्रदेश सरकार से उनकी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की गई।
तीन सूत्री मांगों को लेकर पहले भी हुआ था प्रदर्शन:
संघ की ओर से बताया गया कि इससे पहले 28 सितंबर 2026 को प्रदेशभर की संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से गृह जनपद में तैनाती से संबंधित विशेष व्यवस्था किए जाने पर संघ ने आभार व्यक्त किया। संगठन ने इस कदम के लिए मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री के प्रति धन्यवाद जताया।
समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग:
संघ की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन शामिल है। संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों का कहना है कि वे लंबे समय से विभाग में कार्य कर रही हैं और उन्हें भी नियमित कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इसके बावजूद वेतन के मामले में समानता नहीं है। संघ चाहता है कि कार्य की प्रकृति और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था लागू की जाए।
नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा का मुद्दा उठाया:
संघ ने संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों के नियमितीकरण यानी स्थायीकरण की मांग भी उठाई। संगठन के अनुसार, लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद कार्यकत्रियों को नियमित नहीं किया गया है। इससे उनकी सेवा सुरक्षा का सवाल बना हुआ है। धरने के दौरान प्रदेश सरकार से इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेने और संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की गई।
कोरोना काल में योगदान का दिया हवाला:
संघ ने कहा कि कोरोना संक्रमण सहित विभिन्न परिस्थितियों में महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव और प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े दायित्वों का निर्वहन करने के बावजूद उनकी सेवा संबंधी मांगें लंबे समय से पूरी नहीं हुई हैं। इसी को लेकर कार्यकत्रियां सरकार का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्रियों से समाधान की अपील:
धरने की अध्यक्षता कर रहीं संघ की प्रदेश अध्यक्ष पूनम देवी ने मुख्यमंत्री और संबंधित विभागीय मंत्रियों से संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों की लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की। उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने तथा कार्यकत्रियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया। संघ की मांग है कि संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों की सेवा संबंधी परिस्थितियों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द कदम उठाए।
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रिपोर्टर: संतोष कुमार