गोरखनाथ मंदिर में CM योगी ने नवरात्रि के नवमी पर किया कन्या पूजन, कन्याओं के चरण पखारकर लिया आशीर्वाद
शारदीय नवरात्र की नवमी पर उत्तर प्रदेश के मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गोरखपुर (Gorakhpur) स्थित गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कन्या पूजन किया। उन्होंने 11 कन्याओं और एक बटुक के पैर पखारे, उन्हें चुनरी ओढ़ाकर तिलक लगाया और अपने हाथों से भोजन परोसा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने मंदिर के शक्तिपीठ में मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने नवरात्र और विजयादशमी के संदेश का उल्लेख करते हुए समाज से नशा, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों से दूर रहने की अपील की।
गोरखनाथ मंदिर में 11 कन्याओं का पूजन:
नवमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पारंपरिक विधि से कन्या पूजन किया। उन्होंने 11 कन्याओं और एक बटुक के पैर पखारे, उनके माथे पर तिलक लगाया और चुनरी ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा और उनसे बातचीत भी की।
कन्या पूजन से पहले मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। नवरात्र की नवमी पर प्रदेश के अलग-अलग मंदिरों में भी श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे।
विंध्यवासिनी धाम में 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे:
मिर्जापुर (Mirzapur) के मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन-पूजन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 20 लाख से अधिक बताई गई। वहीं, वाराणसी (Varanasi) के माता सिद्धिदात्री मंदिर में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई। जौनपुर (Jaunpur) के चौकियां धाम में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
नवरात्र की नवमी पर इन धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
समाज से बुराइयों को दूर करने का संदेश:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में नशा, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने शारदीय नवरात्र और विजयादशमी के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने की जरूरत बताई।
मुख्यमंत्री के अनुसार, समाज की एकता को कमजोर करने और राष्ट्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने वाले तत्वों के खिलाफ एकजुटता जरूरी है। उन्होंने कहा कि त्योहार लोगों को सामाजिक एकता का संदेश देने और समाज को तोड़ने वाली गतिविधियों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं।
विजयादशमी पर बुराइयों का त्याग करने की अपील:
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जीवन को प्रभावित करने वाले विकारों से मुक्त होने का संदेश देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि त्योहारों को उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन इस दौरान सुरक्षा की अनदेखी न करें।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति और समाज की प्रगति में बाधा बनने वाली बुराइयों को छोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। विजयादशमी पर रावण के पुतले का दहन प्रतीकात्मक रूप से अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का संदेश देता है।
रामलीला और दशहरा आयोजन के लिए सुरक्षा व्यवस्था:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशभर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। अलग-अलग स्थानों पर रामलीलाओं का आयोजन किया जा रहा है और प्रतीक स्वरूप रावण, कुंभकरण तथा मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे उत्सव में शामिल होते समय सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
नारी सुरक्षा और स्वावलंबन पर सरकार का जोर:
मुख्यमंत्री ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, जिस समाज में मां भगवती की उपासना होती है, वहां महिलाओं की गरिमा के विपरीत आचरण स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सरकार ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 तक प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी सेवाएं दे रही थीं, जबकि अब यह संख्या लगभग 45 हजार बताई गई है।
महिलाओं और बेटियों के लिए योजनाओं का उल्लेख:
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में करीब 54 हजार महिला बीसी सखी अलग-अलग ग्राम पंचायतों में सेवाएं दे रही हैं और गांवों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में योगदान कर रही हैं।
उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी की गरिमा, सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के संबंध में उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए पात्र परिवारों को राज्य सरकार की ओर से कुल 25 हजार रुपये का पैकेज दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटी के विवाह के लिए सरकार की ओर से एक लाख रुपये की सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं का विवाह संपन्न कराया जा चुका है।
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