लखीमपुर: तेंदुए के हमलों में दो मासूमों की मौत पर भड़के रेहान खान, सरकार और वन विभाग को ठहराया जिम्मेदार
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) जिले में एक सप्ताह के भीतर तेंदुए के हमलों में दो मासूम बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इन घटनाओं पर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रदेश सचिव रेहान खान ने दुख जताते हुए प्रदेश सरकार और वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दोनों मृतक बच्चों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा देने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। रेहान खान ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। एक सप्ताह में दो बच्चों की मौत से दहशत:
लखीमपुर खीरी जिले में तेंदुए के हमलों में दो मासूम बच्चों की मौत की घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। रेहान खान के मुताबिक, पहली घटना धौरहरा क्षेत्र के बोझिया फार्म में हुई, जहां घर के बाहर खेल रही एक बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया। दूसरी घटना सिंगाही क्षेत्र के टापर पुरवा गांव में सामने आई, जहां तेंदुए के हमले में एक मासूम बच्चे की जान चली गई। लगातार हुई इन घटनाओं से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रेहान खान ने दोनों घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। वन विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल:
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रेहान खान ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयास कई बार पिंजरे लगाने तक सीमित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक योजना तैयार करने और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करने, तेंदुए की आवाजाही वाले इलाकों पर नजर रखने और सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था विकसित करने की मांग की। उनके अनुसार, वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। मृतक बच्चों के परिवारों को 20-20 लाख मुआवजे की मांग:
रेहान खान ने प्रदेश सरकार से दोनों मृतक बच्चों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों को खोने का दुख असहनीय है और इस क्षति की भरपाई किसी भी तरह संभव नहीं है। हालांकि, संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें संबल दिया जा सकता है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और ग्रामीणों को तेंदुए की गतिविधियों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि समय रहते जरूरी कदम उठाए जाने से ग्रामीणों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। सरकार और वन विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग:
रेहान खान ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों में लोगों की मौत की घटनाओं को केवल सामान्य घटना मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। सरकार और वन विभाग को ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की मांग दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्ष वन्यजीवों के हमलों में लोगों की मौत की घटनाएं सामने आने के बावजूद इस समस्या पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता बनी हुई है। सपा सरकार बनने पर प्रभावी कदम उठाने का दावा:
रेहान खान ने कहा कि वर्ष 2027 के बाद समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे और जरूरी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने दोनों बच्चों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकना जरूरी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी अन्य परिवार को अपने बच्चे को खोने का दर्द न झेलना पड़े।
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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता