लखीमपुर खीरीः भीरा रेंज में तेंदुए की संदिग्ध मौत का खुलासा, आपसी संघर्ष में गई थी जान
रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता
लखीमपुर खीरी। भीरा रेंज के बिजुआ बीट में एक वयस्क मादा तेंदुए का शव मिलने के बाद पूरे वन विभाग में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दुधवा टाइगर रिज़र्व (Dudhwa Tiger Reserve) बफर जोन की उपनिदेशक कीर्ति चौधरी अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुँचीं। तेंदुए के शव को सुरक्षित कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जिसके बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा:
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुए की मौत को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए की गर्दन पर गहरे पंक्चर मार्क्स पाए गए, जो आमतौर पर किसी बड़े मांसाहारी जंगली जीव के हमले के दौरान दिखाई देते हैं। इसके अतिरिक्त तेंदुए के शरीर का नीचे वाला दाहिना पेट का हिस्सा खाया हुआ पाया गया। ये दोनों संकेत स्पष्ट रूप से बताते हैं कि तेंदुए की मौत किसी प्राकृतिक कारण से नहीं हुई, बल्कि जंगली जीवों के आपसी संघर्ष के दौरान हुई है।
गर्दन पर गहरे घाव के निशान:
रिपोर्ट में मिले गहरे पंक्चर मार्क्स इस बात की ओर इशारा करते हैं कि तेंदुआ किसी बड़े कॉर्निवोर द्वारा हमले का शिकार हुआ। गर्दन के पास मिले इन चिन्हों से यह अंदेशा और मजबूत हो जाता है कि संघर्ष काफी तीव्र रहा होगा। वन विभाग इस बिंदु पर विशेष ध्यान दे रहा है ताकि भविष्य में ऐसे मामलों के कारणों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
पेट का हिस्सा खाया मिला:
तेंदुए के पेट के नीचे का दाहिना हिस्सा खाया हुआ पाया गया है, जो जंगली जीवों में होने वाले आपसी संघर्ष का सामान्य परिणाम माना जाता है। पोस्टमार्टम के दौरान मिले इस अवलोकन ने यह शक और प्रबल कर दिया है कि मौत के बाद शव को किसी अन्य मांसाहारी जीव ने खाया होगा। विभाग इस तथ्य के आधार पर आगे की जांच में तेजी ला रहा है।
उपनिदेशक चौधरी का बयान:
उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया—
“पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि मादा तेंदुए की मौत प्राकृतिक मृत्यु नहीं है। यह घटना बड़े कॉर्निवोर के साथ संघर्ष में हुई है। गर्दन पर मिले पंक्चर मार्क्स और पेट का हिस्सा खाया जाना यह बताता है कि यह आपसी लड़ाई का मामला है। शव को सुरक्षित कब्जे में लिया गया था और सभी प्रक्रियाएँ नियमों के मुताबिक पूरी की जा रही हैं। वन विभाग इस क्षेत्र में निगरानी और बढ़ाएगा ताकि ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण रखा जा सके।”
वन विभाग की बढ़ाई गई सतर्कता:
घटना के बाद वन विभाग ने बिजुआ बीट सहित आसपास के क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। विभाग संघर्ष में शामिल संभावित जंगली जीव की पहचान में भी जुटा है। इसके साथ ही वन विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार मॉनिटरिंग आवश्यक है।
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