मछुआ आरक्षण पर जल्द फैसला ले भाजपा, निषाद पार्टी अंतिम समय तक करेगी इंतजार: डॉ. संजय निषाद
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद (Dr. Sanjay Kumar Nishad) ने मछुआ आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जल्द स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है। 21 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली (New Delhi) के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि निषाद समाज अपने अधिकारों की लड़ाई में अंतिम समय तक संघर्ष करेगा। भाजपा के जवाब का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन आरक्षण के मुद्दे पर समाज के हितों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में निषाद समाज को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि समाज की विजयदशमी तभी सार्थक होगी, जब उसे मछुआ आरक्षण का अधिकार प्राप्त होगा। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहने और मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। उनके मुताबिक, यह कार्यक्रम समाज को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
आरक्षण पर भाजपा अपना रुख स्पष्ट करे:
डॉ. संजय निषाद ने भाजपा के साथ गठबंधन के सवाल पर कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश, दोनों जगह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। ऐसे में पार्टी को मछुआ आरक्षण के मुद्दे पर अपना रुख साफ करना चाहिए। भाजपा को बताना चाहिए कि वह इस मांग को पूरा करने के लिए क्या निर्णय लेने जा रही है।
उन्होंने कहा कि वह अंतिम समय तक भाजपा के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, इस इंतजार को समाज के हितों से समझौता करने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यदि आरक्षण के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो निषाद पार्टी को अपने राजनीतिक विकल्पों पर विचार करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पार्टी के लिए सर्वोपरि हैं।
निषाद पार्टी अपने मुद्दों पर फैसला लेने को स्वतंत्र:
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि निषाद पार्टी अपने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर स्वतंत्र है। यदि भाजपा की ओर से आरक्षण के विषय में आगे बढ़ने का रास्ता बंद किया जाता है तो पार्टी अपने मुद्दों के आधार पर भविष्य की रणनीति तय करेगी। उन्होंने कहा कि निषाद समाज के अधिकारों की लड़ाई में किसी भी राजनीतिक दल के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने विजयदशमी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। समाज को इस अवसर पर यह संकल्प लेना चाहिए कि जब तक मछुआ आरक्षण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहार के समय अपने परिवारों को छोड़कर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग दिल्ली पहुंचे हैं। उनके इस योगदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना:
कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को उन पुराने सहयोगियों के समाजवादी पार्टी छोड़ने के कारणों पर भी बात करनी चाहिए, जो पहले निषाद पार्टी के साथ जुड़े हुए थे।
उन्होंने वर्ष 2018 के गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस चुनाव में इंजीनियर प्रवीण निषाद ने निषाद पार्टी और पीस पार्टी के सहयोग से जीत हासिल की थी। डॉ. निषाद ने कहा कि इस जीत को केवल समाजवादी पार्टी की ताकत का परिणाम बताना सही नहीं है।
समाज के अधिकार और सम्मान की लड़ाई पर जोर:
डॉ. संजय निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी का राजनीतिक सफर समाज के अधिकारों, आरक्षण और सम्मान की लड़ाई से जुड़ा हुआ है। पार्टी का उद्देश्य निषाद समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करना और उसे उसका संवैधानिक अधिकार दिलाना है।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से एकजुटता बनाए रखने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की। साथ ही मछुआ आरक्षण की मांग को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया। उनके बयान से साफ है कि निषाद पार्टी इस मुद्दे पर भाजपा से स्पष्ट जवाब चाहती है और निर्णय नहीं होने की स्थिति में आगे की राजनीतिक रणनीति पर विचार कर सकती है।
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रिपोर्टर: संतोष कुमार