कौशांबी के थाने में रायफल की गोली लगने से लेडी कॉन्स्टेबल की मौत, 3 महीने पहले ही पूरी हुई थी ट्रेनिंग
कौशांबी (Kaushambi) के महिला थाने में मंगलवार सुबह ड्यूटी के दौरान 28 वर्षीय महिला कॉन्स्टेबल प्रियंका की गोली लगने से मौत हो गई। वह थाने में पहरेदारी कर रही थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुर्सी पर बैठते समय अचानक उसकी राइफल का ट्रिगर दब गया, जिससे गोली चल गई। गोली गले को चीरते हुए जबड़े को फाड़कर निकल गई। घटना के बाद थाने में अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे की बताई गई है।
कुर्सी पर बैठते समय चली गोली:
एएसपी अमिता सिंह (ASP Amita Singh) के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे प्रियंका थाने के कार्यालय के बाहर गेट पर कुर्सी पर बैठी थी। किसी काम से वह वहां से उठकर गई थी और करीब दो मिनट बाद वापस लौटी। शुरुआती जांच में पता चला कि जैसे ही वह कुर्सी पर बैठने लगी, उसी दौरान अचानक गोली चल गई।
फायरिंग की आवाज सुनकर साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। प्रियंका गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली। उस समय उसके दाहिने हाथ में राइफल थी। पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कमरे की तलाशी में नहीं मिला सुसाइड नोट:
घटना के बाद पुलिस ने महिला सिपाही के कमरे की तलाशी ली। एएसपी अमिता सिंह ने बताया कि फिलहाल कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। घटना की जांच के लिए फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। राइफल को भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
घटनास्थल को सील कर दिया गया है। पुलिस की ओर से मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के समय की स्थिति को समझने के लिए थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जा रही है। साथ ही साथी पुलिसकर्मियों से भी जानकारी ली जा रही है।
सीओ सदर के नेतृत्व में जांच टीम गठित:
घटना की जांच के लिए सीओ सदर सौरभ सामंत (CO Sadar Saurabh Samant) के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शुरुआती जांच में कुर्सी पर बैठते समय राइफल का ट्रिगर दबने से गोली चलने की बात सामने आई है।
पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है। फोरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और साथी पुलिसकर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन महीने पहले पूरी हुई थी ट्रेनिंग:
प्रियंका मूल रूप से गाजीपुर (Ghazipur) के दूल्हापुर क्षेत्र के सिखरी गांव की रहने वाली थी। उसके पिता का नाम रवींद्र यादव है। प्रियंका ने करीब तीन महीने पहले ही पुलिस प्रशिक्षण पूरा किया था। प्रशिक्षण के बाद उसकी पहली तैनाती कौशांबी के महिला थाने में हुई थी। जून के आखिरी सप्ताह में उसने महिला थाने में कार्यभार संभाला था।
नई तैनाती के बाद प्रियंका महिला थाने में ड्यूटी कर रही थी। इसी दौरान मंगलवार सुबह ड्यूटी के समय गोली लगने से उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में भी शोक की स्थिति है।
पिता सेना से सेवानिवृत्त, परिवार में सबसे बड़ी थी प्रियंका:
प्रियंका के पिता रवींद्र यादव करीब डेढ़ साल पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान में वह बिल्डिंग सामग्री की दुकान चलाते हैं। परिवार में मां प्रमिला देवी के अलावा तीन बच्चे हैं, जिनमें प्रियंका सबसे बड़ी थी। प्रियंका ने मथुरा (Mathura) से बीएससी की पढ़ाई की थी।
उसकी छोटी बहन नोएडा (Noida) से बीकॉम की पढ़ाई कर रही है, जबकि भाई सूरज शहर के कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहा है। बेटी की मौत की खबर मिलने के बाद मां प्रमिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग कौशांबी के लिए रवाना हो गए।
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