आंगनवाड़ी वर्करों का मानदेय 4 हजार बढ़ा:5 लाख का कैशलेस इलाज मिलेगा, स्मार्टफोन-साड़ी दी; योगी का अयोध्या में ऐलान

अयोध्या (Ayodhya) में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) पहुंचे। यहां उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए चार तरह की योजनाओं के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। इनमें मानदेय बढ़ाने के साथ पांच लाख रुपये तक के बिना नकद इलाज की सुविधा, साड़ी की संख्या बढ़ाना और स्मार्टफोन उपलब्ध कराना शामिल है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए चार योजनाओं का उल्लेख:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए चार प्रमुख योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही पांच लाख रुपये तक के बिना नकद इलाज की सुविधा दी गई है। साड़ी की संख्या बढ़ाने और स्मार्टफोन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।

आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने का दावा:

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आंगनवाड़ी केंद्र स्मार्ट हो गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब नौ साल पहले इन केंद्रों की स्थिति जर्जर थी। उनके अनुसार उस समय व्यवस्था में अनियमितताओं का असर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर पड़ता था और बदनामी भी उन्हीं की होती थी।

योगी ने कहा कि पोषाहार की व्यवस्था पर भी माफिया के प्रभाव की बात सामने आती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पोषाहार की व्यवस्था शराब माफिया के हाथों में थी और उसकी पहुंच इतनी थी कि वह किसी भी व्यवस्था को प्रभावित कर सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय उसके सामने कोई बोल नहीं पाता था।

पोषाहार व्यवस्था को लेकर रखी अपनी बात:

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस व्यवस्था का परिणाम यह था कि आंगनवाड़ी केंद्र अस्त-व्यस्त पड़े रहते थे। समय से पोषाहार नहीं मिलता था। उनका कहना था कि गलती कोई करता था, लेकिन उसका खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ता था। सरकार और माफिया की वजह से व्यवस्था प्रभावित होती थी, जबकि इसकी गालियां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सहनी पड़ती थीं।

2017 से पहले की स्थिति का किया जिक्र:

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले आंगनवाड़ी केंद्रों में मासूम बच्चे खुद टाट लेकर आते थे। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रों पर पेयजल तक की सुविधा नहीं थी। मुख्यमंत्री के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए धन दिया जाता था, लेकिन राज्य सरकार खरीद नहीं करती थी और खरीद होने पर भी धन माफिया के हाथों में चला जाता था।

उन्होंने कहा कि उस समय आंगनवाड़ी केंद्र वीरान पड़े रहते थे और कार्यकर्ता चाहकर भी अपना काम ठीक से नहीं कर पाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप देने का काम किया गया है।

सम्मान समारोह में कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र:

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले फैजाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।

छह जिलों से पहुंचीं करीब 12 हजार कार्यकर्ता और सहायिकाएं:

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अंबेडकरनगर (Ambedkar Nagar), अमेठी (Amethi), बाराबंकी (Barabanki), सुल्तानपुर (Sultanpur), बस्ती (Basti) और गोंडा (Gonda) से करीब 12 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बुलाया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मौजूदगी रही।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आंगनवाड़ी व्यवस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए किए जा रहे प्रावधानों का उल्लेख किया। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था में किए गए बदलावों को भी सामने रखा।

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